माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 18वें रोजगार मेले के मौके पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देशभर के सरकारी विभागों और संगठनों में नव नियुक्त युवाओं को 61,000 से अधिक नियुक्ति पत्र प्रदान किए। उन्होंने युवाओं को अपने कौशल को और मजबूत करने और उपलब्ध रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
यह रोजगार मेला युवाओं को सरकारी सेवाओं में शामिल होने और अपने करियर की नई शुरुआत करने का एक महत्वपूर्ण मौका देता है। देशभर के 45 स्थानों पर रोजगार मेले के माध्यम से चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं, “…पिछले 5-7 वर्षों में जितनी बार भी आप सरकार के संपर्क में आए, चाहे वह सरकारी कार्यालय हो या कोई अन्य माध्यम, जब आपको कोई कठिनाई हुई हो या कोई कमी नजर आई हो, उन सब बातों पर विचार करें। अब यह आपकी जिम्मेदारी है कि जिन चीजों से आपको परेशानी हुई, वे आपके कार्यकाल में किसी और को परेशान न करें। सरकार का हिस्सा होने के नाते, आपको अपने स्तर पर छोटे-छोटे सुधार सुनिश्चित करने होंगे।”
तेजी से बढ़ते उद्योग और निर्यात में भारत की मजबूती
पीएम मोदी करते हैं, कि भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 4 लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है। वहीं, देश का ऑटोमोबाइल उद्योग भी तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में शामिल है। वर्ष 2025 में दोपहिया वाहनों की बिक्री 2 करोड़ के आंकड़े को पार कर चुकी है, जो इस क्षेत्र की मजबूत वृद्धि को दर्शाता है।
8,000 से अधिक लड़कियों को भी मिले नियुक्ति पत्र
इस अवसर पर 8,000 से अधिक लड़कियों को भी नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। बीते 11 वर्षों में महिलाओं की भागीदारी में लगभग दो गुनी बढ़ोतरी हुई है। सरकार की मुद्रा योजना और स्टार्टअप जैसी योजनाओं से महिलाओं को बड़ा लाभ मिला है, जिसके चलते महिला स्वरोजगार की दर में करीब 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
कौशल विकास के लिए I-GOT कर्मयोगी पोर्टल
भारत सरकार और सहयोगी राज्य सरकारें मिलकर युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर बना रही हैं। इसके तहत यूपीएससी, एसएससी, रेलवे भर्ती बोर्ड और आईबीपीएस जैसी प्रमुख एजेंसियों के माध्यम से नियुक्तियां कराई जा रही हैं। प्रतिभाशाली युवाओं के लिए यूपीएससी का ‘प्रतिभा सेतु’ पोर्टल भी निजी क्षेत्र में रोजगार पाने का मौका देता है। महिलाओं, दिव्यांगजनों और पिछड़े जिलों के उम्मीदवारों को विशेष लाभ दिए जाते हैं, और भर्ती परीक्षाएं 13 क्षेत्रीय भाषाओं में कराई जाती हैं।
भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध है, और पेपर लीक जैसी समस्याओं के खिलाफ कड़े कानून लागू हैं। इसके अलावा, I-GOT कर्मयोगी पोर्टल पर 4,200 से अधिक उच्च गुणवत्ता वाले पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं, जिनसे अब तक 1.47 करोड़ से अधिक सरकारी कर्मचारी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। इस तरह युवाओं को न केवल रोजगार, बल्कि कौशल बढ़ाने के अवसर भी मिल रहे हैं।







