जयपुर पुलिस ने राज्य में हर साल आने वाले देशी और विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए ‘पिंकगार्ड’ मोबाइल एप और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ‘क्राउड गार्ड’ प्रणाली शुरू की है। ‘पर्यटक सर्वोपरि’ सोच पर आधारित इन तकनीकी साधनों का उद्देश्य पर्यटकों के साथ होने वाली ठगी को खत्म करना, भीड़ की निगरानी करना और आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही एप में प्रतिक्रिया सुविधा भी जोड़ी गई है।
20 प्रमुख पर्यटन स्थलों की जानकारी एप में उपलब्ध
जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने बताया कि इस एप में फिलहाल कई महत्वपूर्ण सुविधाएं शामिल की गई हैं। उन्होंने कहा कि जयपुर के ऐसे 20 पर्यटन स्थलों की पहचान की गई है, जहां पर्यटकों की आवाजाही सबसे अधिक रहती है। इन सभी पर्यटन स्थलों से जुड़ी विस्तृत जानकारी एप में उपलब्ध कराई गई है।
आपातकालीन बटन सीधे ‘अभय’ नियंत्रण कक्ष से जुड़ा
पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल के अनुसार, एप में एक आपातकालीन बटन भी दिया गया है, जो सीधे ‘अभय’ कमांड और नियंत्रण कक्ष से जुड़ा हुआ है। यदि किसी पर्यटक को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ता है, तो वह इस बटन को दबाकर तुरंत पुलिस सहायता प्राप्त कर सकता है।
फर्जी गाइडों और ठगों पर लगेगी रोक
जयपुर पुलिस ने पर्यटकों के साथ होने वाली धोखाधड़ी रोकने के लिए एप में अधिकृत पर्यटन गाइडों की सूची भी जोड़ी है। इसमें प्रत्येक पर्यटन स्थल से जुड़े अधिकृत गाइडों की तस्वीर और मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, ताकि पर्यटक केवल सत्यापित गाइडों की सेवाएं ही ले सकें।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित प्रणाली रखेगी भीड़ पर नजर
कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ‘क्राउड गार्ड’ प्रणाली के जरिए पर्यटन स्थलों पर भीड़ की स्थिति पर नजर रखी जाएगी। इससे भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा प्रबंधन और पर्यटकों की आवाजाही को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।
पर्यटकों को मिलेगा सुरक्षित और आसान अनुभव
जयपुर पुलिस का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य पर्यटकों को सुरक्षित, पारदर्शी और सुविधाजनक अनुभव उपलब्ध कराना है। नई तकनीक के जरिए पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।







