सोने-चांदी की कीमतों में गुरुवार को उतार-चढ़ाव देखने को मिला। चांदी की कीमत 1800 रुपये की तेजी के साथ 2.45 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं सोने का भाव गिरकर 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
एमसीक्स पर अप्रैल डिलीवरी के लिए सोने के अनुबंध 365 रुपये या 0.23 प्रतिशत बढ़कर 1,56,126 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहे थे, जिसमें 1,071 लॉट का कारोबार हुआ।
अंतरराष्ट्रिय बाजार में सोने-चांदी का हाल
सोने की कीमतें स्थिर रहीं, जबकि चांदी ने दो दिन की गिरावट के बाद फिर से तेजी दिखाई। लूनर न्यू ईयर के चलते एशिया के कई बाजार बंद रहे, जिससे ट्रेडिंग सीमित रही और निवेशकों का फोकस अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी ब्याज दर फैसले पर टिका हुआ है।
एशियाई बाजार समय में स्पॉट गोल्ड मामूली गिरावट के साथ लगभग 4,980 डॉलर प्रति औंस के आसपास बना रहा और 5,000 डॉलर के स्तर से नीचे ही रहा। वहीं स्पॉट सिल्वर उछलकर करीब 76 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई।
फेड के दरों में कटौती को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है
फेडरल रिजर्व की हालिया बैठक के मिनट्स में संकेत मिला कि अधिकारी ब्याज दरों में कटौती को लेकर अपेक्षा से अधिक सतर्क हैं। इससे दरों में कटौती की संभावनाओं पर अनिश्चितता बढ़ी है और बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
इस बीच मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों ने डॉलर को सहारा दिया, जिससे कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा। औद्योगिक उत्पादन में लगभग एक साल की सबसे बड़ी वृद्धि दर्ज की गई, जबकि कोर कैपिटल गुड्स के ऑर्डर भी दिसंबर में उम्मीद से अधिक बढ़े, जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती दर्शाते हैं।
भू-राजनीतिक मोर्चे पर ईरान और अमेरिका के बीच भविष्य की परमाणु वार्ताओं के लिए मार्गदर्शक सिद्धांतों पर सहमति की खबर ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
कोटक सिक्योरिटीज की एवीपी (कमोडिटी रिसर्च) कायनात चेनवाला के अनुसार, दो सत्रों की गिरावट के बाद सोना और चांदी में रिकवरी देखने को मिली है और अब निवेशक एफओएमसी मिनट्स, यूएस कोर पीसीई डेटा और फेड अधिकारियों के बयानों से मौद्रिक नीति के संकेतों का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फेड के भीतर दरों को कुछ समय तक स्थिर रखने और महंगाई 2% के करीब आने पर कटौती की संभावनाओं जैसे मिले-जुले संकेत बाजार की दिशा तय करेंगे।








