नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला मुश्किल में घिरते नजर आ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ (जेकेसीए) स्कैम मामले में उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। श्रीनगर की एक अदालत ने गुरुवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा जांच किए जा रहे कथित जेकेसीए घोटाले मामले में फारूक अब्दुल्ला को झटका दिया।
30 मार्च को फिर होगी सुनवाई
फारूक 2001 और 2011 के बीच जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ के अध्यक्ष थे। यह कथित घोटाला 2012 में तब सामने आया जब जेकेसीए के कोषाध्यक्ष मंजूर वजीर ने उस समय के महासचिव मोहम्मद सलीम खान और पूर्व कोषाध्यक्ष अहसान मिर्जा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। अब आगे की कार्रवाई के लिए 30 मार्च को फिर से केस की सुनवाई होगी।
सुनवाई के दौरान अब्दुल्ला अदालत के सामने पेश नहीं हुए और खबर है कि वे जम्मू में थे। उनके वकील ने कार्यवाही में शामिल होने में उनकी असमर्थता का हवाला देते हुए निजी तौर पर पेशी से छूट की अर्जी दी। हालांकि, कोर्ट ने देखा कि बचाव पक्ष को वर्चुअल मोड से अब्दुल्ला की मौजूदगी पक्की करने का विकल्प दिया गया था, लेकिन उन्होंने इस सुझाव को मना कर दिया।








