दिल्ली विधानसभा को बम धमकियों और सुरक्षा संबंधी घटनाओं के मद्देनजर सुरक्षित बनाने के लिए सुरक्षा का नया घेरा तैयार किया जा रहा है। परिसर में आठ वॉच टावर स्थापित किए जा रहे हैं। वाहनों की जांच के लिए आधुनिक प्रणाली, सीआरपीएफ के जवानों के लिए अलग गश्ती मार्ग और आगंतुकों की डिजिटल पहचान समेत कई इंतजाम किए जा रहे हैं। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सोमवार को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी दी।
गेट नंबर दो और पांच पर अंडर व्हीकल सर्विलांस सिस्टम (यूवीएसएस) लगाए गए हैं। इनसे वाहनों की जांच और संदिग्ध गाड़ियों या फर्जी नंबर प्लेट की पहचान में मदद मिलेगी। गेट नंबर एक पर फोटो पहचान वाले फ्लैप बैरियर लगाए जा रहे हैं। रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) से वाहनों की पहचान और आवाजाही का रिकॉर्ड रखा जाएगा।
गेट नंबर एक से पांच तक स्वचालित स्लाइडिंग दरवाजे लगाए जा रहे हैं। परिसर में करीब 120 सीसीटीवी कैमरे हैं। निगरानी के लिए अतिरिक्त अंधेरे और संवेदनशील स्थानों की पहचान करने को दिल्ली पुलिस से कहा गया है। रिसेप्शन पर डिजिटल व्यवस्था से आगंतुकों की फोटो पहचान, जानकारी और विधानसभा आने का उद्देश्य दर्ज किया जाएगा।








