प्रदेश के तीनों ऊर्जा निगमों यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल में निदेशकों के पदों पर चयन की प्रक्रिया पिछले करीब पांच साल से नहीं हुई है। इस कारण पूर्व के अधिकारी रिटायर होते गए और प्रभारी व्यवस्था लागू होती चली गई। हालात ये हैं कि कुछेक को छोड़ दें तो ज्यादातर निदेशक के पदों पर प्रभारी व्यवस्था से काम चल रहा है।
तीनों ऊर्जा निगमों में निदेशकों की आखिरी चयन प्रक्रिया वर्ष 2020-2021 में हुई थी। इसके बाद से साल-दर-साल व्यवस्थाएं बिगड़ती चली गईं। भर्ती अटकी तो निदेशकों के पदों पर प्रभारी व्यवस्थाएं लागू हो गईं। आज आलम यह है कि तीनों ऊर्जा निगमों में एमडी के पद ही प्रभारी व्यवस्था के भरोसे हैं। हालांकि अब हाईकोर्ट के आदेश पर पिटकुल प्रभारी एमडी से पीसी ध्यानी और सरकार के आदेश पर यूपीसीएल एमडी अनिल कुमार, यूजेवीएनएल एमडी संदीप सिंघल को हटाने के बाद नए सिरे से चयन प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद जग गई है।







