उत्तराखंड के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) से कोर्स करने वाले छात्रों को केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना में छूट मिलेगी। प्रदेश के 153 सरकारी और 82 निजी आईटीआई में दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस बार छात्र 10 पसंदीदा ट्रेड के लिए विकल्प भर सकते हैं।
दोहरी प्रशिक्षण प्रणाली के तहत मिलेगा स्टाइपेंड, ट्रेनिंग
इस बार की प्रवेश प्रक्रिया में दोहरी प्रशिक्षण प्रणाली (डीएसटी) मुख्य आकर्षण है। इसके तहत राज्य के 54 राजकीय आईटीआई संस्थानों ने देश की प्रतिष्ठित कंपनियों जैसे टाटा मोटर्स, बजाज ऑटो, हीरो मोटोकॉर्प, महिंद्रा और वी-गार्ड के साथ अनुबंध किया है। दो वर्षीय कोर्स के छात्रों को छह से 12 महीने और एक वर्षीय कोर्स के छात्रों को तीन से छह माह तक सीधे इंडस्ट्री में काम करते हुए सीखने का मौका मिलेगा। इंडस्ट्री में प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को कंपनियों की ओर से 8,000 से 12,000 प्रतिमाह तक की आर्थिक सहायता (स्टाइपेंड) दी जाती है। इसके साथ ही सब्सिडी दरों पर भोजन, परिवहन और पीपीई किट जैसी सुरक्षा सुविधाएं भी मिलेंगी। सामान्य ट्रेड्स के लिए न्यूनतम आयु 14 वर्ष है जबकि डीएसटी ट्रेड्स के लिए आयु 18 से 24 वर्ष के बीच होनी अनिवार्य है।
शैक्षिक योग्यता, आवेदन शुल्क ये होगा
विभिन्न ट्रेड्स के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता 8वीं से 10वीं पास निर्धारित है। उत्तराखंड बोर्ड रामनगर से 10वीं पास करने वाले छात्रों को पांच प्रतिशत अंक का वेटेज दिया जाएगा। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए शुल्क 250 रुपये है, जबकि अन्य सभी वर्गों के लिए यह 350 रुपये है। राज्य सरकार के नियमों के अनुसार अनुसूचित जाति को 19 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति को 4 प्रतिशत, ओबीसी को 14 प्रतिशत और ईडब्ल्यूएस को 10 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। इसके अलावा महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत और दिव्यांगों के लिए 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान है।
महत्वपूर्ण तिथियां
- ऑनलाइन आवेदन भरने का प्रथम चरण : पांच जुलाई तक
- राज्य स्तरीय मेरिट का प्रकाशन : सात जुलाई
- दूसरे चरण में विकल्प भरने की तिथि : आठ से 15 जुलाई
- प्रथम काउंसलिंग के तहत संस्थान आवंटन : 18 जुलाई
- प्रथम काउंसलिंग की आवंटित सीटों पर दाखिले : 19 से 26 जुलाई







