देहरादून: ग्राफिक एरा में क्रिकेटर स्नेह का हुआ भव्य स्वागत, कहा-सबसे बड़ी चुनौती थी महिला क्रिकेट की पहचान

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हिला क्रिकेट विश्व कप जीतने के बाद उत्तराखंड लौटीं भारतीय क्रिकेटर स्नेह राणा के स्वागत का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को स्नेह का ग्राफिक एरा में भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने कहा, जब मैंने क्रिकेट में कॅरिअर की शुरुआत की तब कोई नहीं मानता था कि महिला क्रिकेट में भी कॅरिअर बनाया जा सकता है। उस वक्त महिला क्रिकेट की पहचान सबसे बड़ी चुनौती थी।

ऑल राउंडर स्नेह राणा ने कहा, उनके मित्रों ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और कभी गुमराह नहीं होने दिया। कहा, उत्तराखंड में दस साल पहले महिला क्रिकेट के प्रति जागरूकता नहीं थी, इसलिए उन्हें पंजाब जाना पड़ा। छोटी उम्र में घर से बाहर जाना भी कम चुनौतीपूर्ण नहीं था।

 

स्नेह ने कहा, युवा जिस क्षेत्र में कॅरिअर बनाना चाहें, पूरी लगन और फोकस के साथ धैर्य रखकर कार्य करें। जो भी करें, दिल से करें। कभी हार नहीं माननी चाहिए। सफलता एकदम नहीं मिलती। उन्होंने सच हम नहीं, सच तुम नहीं, सच हैं मगर संघर्ष… कविता से छात्रों में जोश भरा।

हर विकेट में करती हूं पिता का धन्यवाद
स्नेह ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया। उन्होंने बताया, मैच के दौरान हर विकेट लेने के बाद वे एक खास चिह्न बना कर अपने दिवंगत पिता का आभार व्यक्त करती हैं।

11 लाख रुपये से किया स्नेह का सम्मान
ग्राफिक एरा की एमबीए की छात्रा स्नेह का ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. कमल घनशाला ने 11 लाख रुपये की धनराशि से उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा, स्नेह के अभिभावकों ने 15-16 साल पहले जब महिला क्रिकेट कॅरिअर नहीं होता था, तब स्नेह पर विश्वास जताते हुए उन्हें इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर दिया, यह बहुत बड़ी बात है। स्नेह देश और खासकर उत्तराखंड की लड़कियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा हैं। इस मौके पर ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की वाइस चेयरपर्सन डॉ. राखी घनशाला, विवि के प्रो-चांसलर डॉ. राकेश शर्मा, कुलपति डॉ. नरपिंदर सिंह, प्रो वीसी डॉ. संतोष एस सर्राफ आदि मौजूद रहे।

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