विजय सरकार गिराने की साजिश?: विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों से मचा सियासी बवाल,3 गिरफ्तार

सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार को दो महीने से भी कम समय हुआ है। लेकिन उनकी सरकार को गिराने के लिए कथित तौर पर विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों ने राज्य में नया सियासी विवाद खड़ा कर दिया है। इस मामले में बुधवार को तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के एक मंत्री ने दावा किया कि द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के शीर्ष नेताओं से जुड़े लोगों ने टीवीके विधायकों को पार्टी बदलने के लिए 50 करोड़ रुपये तक की पेशकश की।

इसके बाद मुख्यमंत्री विजय ने बुधवार को चेन्नई में अपने गठबंधन सहयोगियों की बैठक बुलाई। इसी दौरान डीएमके ने खरीद-फरोख्त के इन दावों की जांच की मांग भी की।
विवाद कहां से शुरू हुआ?
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब टीवीके विधायक एन इलैयाराजा ने आरोप लगाया कि तमिलनाडु विधानसभा के एक प्रस्तावित मतदान में उनके रुख को प्रभावित करने के लिए उन्हें 35 करोड़ रुपये की पेशकश की गई।

तिरुनावुक्करासु नाम के एक व्यक्ति ने कथित तौर पर विधायक से संपर्क किया। खुद को ‘इंडियन पॉलिटिकल डेमोक्रेटिक स्ट्रैटेजीज’ नाम की एक राजनीतिक फर्म का प्रतिनिधि बताया। बाद में उसने मतदान प्रक्रिया में समर्थन के बदले पैसे देने की पेशकश की। विधायक ने यह पेशकश ठुकरा दी। इसके बाद विधायक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने आरोप लगया कि उन्हें और उनके परिवार को धमकियां भी दी गईं।

शिकायत के आधार पर तमिलनाडु पुलिस ने मामला दर्ज किया। थिरुनावुक्करासु और उसके दो सहयोगियों नरेश और तियागराजन को गिरफ्तार कर लिया गया।

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टीवीके मंत्री ने डीएमके नेतृत्व पर क्या आरोप लगाया?
इस विवाद ने तब और तूल पकड़ लिया, जब टीवीके मंत्री निर्मल कुमार ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल डीएमके इस कथित खरीद-फरोख्त की कोशिश में शामिल है। उन्होंने कहा कि डीएमके के वरिष्ठ नेता सेंथिल बालाजी ने कई टीवीके विधायकों से संपर्क करने की कोशिश की। उन्हें 50 करोड़ रुपये तक की पेशकश की। कुमार ने यह भी दावा किया कि यह सब डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन और पार्टी के नेता उदयनिधि स्टालिन की जानकारी और मंजूरी से किया गया।

निर्मल कुमार ने कहा, सेंथिल बालाजी ने स्टालिन और उदयनिधि की अनुमति से पिछले 40 दिनों में हमारे कई विधायकों से संपर्क किया है। उन्हें 10 करोड़ से 50 करोड़ रुपये तक की पेशकश की गई। ऐसा कोई भी विधायक नहीं है, जिससे संपर्क न किया गया हो।

मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि डीएमके नेताओं ने एक विधायक को धमकी दी, जिसके बाद वह पुलिस के पास गया है। उन्होंने कहा, स्टालिन, उदयनिधि और सेंथिल बालाजी को यह घटिया काम बंद करना चाहिए।

क्या आरोपी का बालाजी के भाई से संबंध है?
पुलिस के अनुसार, आरोपियों में से एक नरेश कथित तौर पर सेंथिल बालाजी के भाई अशोक कुमार के सीधे संपर्क में था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि नरेश नियमित रूप से अशोक कुमार से बात करता था कि कितनी रकम दी जाएगी और किन विधायकों से संपर्क किया जाएगा।

सूत्रों ने यह भी बताया कि आरोपियों ने विधायक इलैयाराजा से कहा कि विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा और उन्हें एक खास तरीके से मतदान करने के बदले 35 करोड़ रुपये की पेशकश की गई। जब विधायक ने इनकार किया, तो तिरुनावुक्करासु ने कथित तौर पर उन्हें और उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। इस मामले को सार्वजनिक न करने की धमकी दी। पुलिस ने कहा कि वह इन कथित संबंधों की जांच कर रही है और मामले से जुड़े सभी लोगों की जांच की जा रही है।

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डीएमके ने पलटवार करते हुए क्या कहा?
दूसरी ओर, डीएमके ने भी पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि विजय की पार्टी जनादेश को ‘सुनियोजित तरीके’ से पैसे और लालच के जरिये पलटने की कोशिश कर रही है।

पार्टी ने तमिलनाडु के राज्यपाल और सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) को शिकायतें दी हैं, जिसमें प्राथमिकी दर्ज करने और पूरे मामले की जांच की मांग की गई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि विजय की पार्टी ने दो डीएमके विधायकों को इस्तीफा देने के लिए प्रेरित करने की कोशिश की।

डीएमके ने पलटवार करते हुए क्या कहा?
दूसरी ओर, डीएमके ने भी पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि विजय की पार्टी जनादेश को ‘सुनियोजित तरीके’ से पैसे और लालच के जरिये पलटने की कोशिश कर रही है।

पार्टी ने तमिलनाडु के राज्यपाल और सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) को शिकायतें दी हैं, जिसमें प्राथमिकी दर्ज करने और पूरे मामले की जांच की मांग की गई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि विजय की पार्टी ने दो डीएमके विधायकों को इस्तीफा देने के लिए प्रेरित करने की कोशिश की।

डीएमके ने एमडीएमके नेता वाइको के हालिया बयानों का भी हवाला दिया, जिन्होंने हाल ही में डीएमके से संबंध तोड़कर टीवीके का समर्थन किया है। डीएमके ने यह भी आरोप लगाया कि विजय ने उपचुनाव लड़ने के लिए विधायकों के इस्तीफे की स्थिति में वित्तीय मदद का वादा किया था। विपक्षी पार्टी ने इसे आपराधिक साजिश, पद के दुरुपयोग और भ्रष्ट आचरण बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की।

टीवीके की पहली गठबंधन बैठक
टीवीके ने बुधवार को अपने गठबंधन सहयोगियों कांग्रेस, वीसीके, आईयूएमएल और एमडीएमके के साथ बैठक की। इसके अलावा, भाकपा और माकपा भी मौजूद रहे, जो विजय सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे हैं।

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