मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां एक कोयला खदान में डायनामाइट विस्फोट में 18 खनन कार्य करने वाले श्रमिकों की मौत हो गई। वहीं इस हादसे में कई अन्य के फंसे होने की आशंका है, जिनके चलते गुरुवार देर शाम तक बचाव अभियान चलाया गया, जिसे अंधेरा होने के कारण रोकना पड़ा, आज सुबह फिर से बचाव अभियान शुरू किया गया है। जिसके बाद मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 25 हो गई।
सरकार ने इस हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस महानिदेशक आई नोंगरांग के मुताबिक बचाव दल तलाशी अभियान में लगे हुए हैं। मेघालय के मंत्री लखमेन रिम्बुई ने कहा, ‘आज दोपहर करीब 1.30 बजे, हमने एक और शव बरामद किया है। अब तक मरने वालों की कुल संख्या 25 हो गई है और आठ लोग घायल हैं। मरने वालों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। जांच के दौरान दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।’
मेघालय पुलिस ने 2 लोगों को गिरफ्तार किया
विस्फोट के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस महानिदेशक आई नोंगरांग ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस घटना के संबंध में एक अन्य व्यक्ति की पहचान कर ली गई है और आगे की जांच जारी है।
पहले दिन मिले बचाव अभियान में मिले 18 शव
मिसिंगेट-थांग्स्को इलाके की कोयला खदान में हुए विस्फोट के बाद पहले दिन बचाव अभियान में 18 शव बरामद किए गए थे। इसी के साथ प्रशासन ने मृतकों के आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई है। इस दर्दनाक घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की घोषणा की है, जबकि घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।
कई और लोगों के फंसे होने की आशंका
इधर, मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने घटना पर दुख व्यक्त किया और जांच के आदेश दिए हैं। पूर्वी जयंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि बचाव अभियान के दौरान घटनास्थल से 18 शव बरामद किए गए। वहीं डीजीपी नोंगरांग ने कहा, ‘विस्फोट के समय खदान के अंदर मौजूद मजदूरों की सही संख्या का अभी पता नहीं चल पाया है। आशंका है कि और भी लोग फंसे हुए हैं।’
एनडीआरएफ कमांडेंट एचपीएस कंडारी ने कहा, ‘हमें स्थानीय प्रशासनसे जानकारी मिली थी कि कल 18 शव बरामद किए गए थे। हमारी टीम ने आज ऑपरेशन शुरू कर दिया है। 3 टीमें लगाई गई हैं। सुबह एक टीम को खदान में हालात देखने के लिए भेजा गया था और अब हमने फिर से एक खोजी दल भेजी है।
इलाका काफी मुश्किल, इसलिए बचाव अभियान में देरी
दिल्ली में मीडिया से बात करे हुए एनडीआरएफ के डीआईजी ऑपरेशंस, मोहसिन शहीदी ने कहा, ‘कल सुबह करीब 11 बजे हमें जिला प्रशासन से जानकारी मिली कि ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में कोयला खदान में यह हादसा हुआ है, जिसमें कुछ लोगों की मौत हो गई है और कुछ लोग अभी भी फंसे हुए हैं। NDRF की एक टीम, जो 50 किमी दूर तैनात थी, उसे तुरंत भेजा गया और वे SDRF, स्थानीय फायर डिपार्टमेंट, इमरजेंसी सेवाओं और प्रशासन के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। यह इलाका काफी मुश्किल है, इसलिए आवाजाही सिर्फ 4X4 गाड़ियों से ही हो सकती है। इसी वजह से समय लग रहा है।’
बचाव एवं राहत अभियान जारी
विस्फोट में घायल हुए एक व्यक्ति को पहले सुतंगा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जिसके बाद बेहतर इलाज के लिए उसे शिलांग के एक अस्पताल में भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और एक विशेष बचाव दल (एसआरटी) की टीमें घटनास्थल पर तैनात कर दी गई हैं और बचाव एवं राहत अभियान जारी हैं।








