राजकीय दून मेडिकल काॅलेज के सभागार में विभिन्न सत्रों में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इनमें कुछ खास सत्र जनप्रतिनिधि परिवार की माताओं के लिए आयोजित किए गए। विश्वमांगल्य सभा का उत्तराखंड मेें यह पहला कार्यक्रम था, जिसका आयोजन सामाजिक चिंतक गीता धामी के प्रयासों से संभव हुआ। संगठन के राष्ट्रीय परामर्शदाता प्रशांत हरतालकर, वृषाली ताई जोशी के साथ ही विकास फाउंडेशन की अध्यक्ष मृदृला धर्मेंद्र प्रधान, राज्यसभा सदस्य रेखा शर्मा, जनप्रतिनिधि परिवार संपर्क विभाग की अखिल भारतीय संयोजक डाॅ अनुराधा यादव, डाॅ पूजा देशमुख की विभिन्न सत्रों में उपस्थिति रही। संचालन ज्योति कोटिया ने किया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का संकल्प ही उनके व्यक्तित्व की असली ताकत बना। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन के निर्णय लेने का अधिकार है, लेकिन परिवार की मूल भावना त्याग, सहयोग, जिम्मेदारी और भावनात्मक जुड़ाव को बनाए रखने की बात कहते हुए आधुनिकता और पारिवारिक मूल्यों के बीच संतुलन स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
मातृ शक्ति सम्मान से गौरवान्वित हुईं सात महिलाएं
दून मेडिकल कॉलेज में आयोजित विश्व मांगल्य सभा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने सात मातृ शक्ति का सम्मान किया। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली इन महिलाओं में ममता राणा, ममता रावत, शैला ब्रिजनाथ, साध्वी कमलेश भारती, राजरानी अग्रवाल, मंजू टम्टा वसुश्री, कविता मलासी को सम्मानित किया गया।