CM धामी ने SIR को लेकर की प्रेसवार्ता: कहा-भ्रम पैदा कर रही कांग्रेस, झूठे दावों से सच्चाई नहीं बदलती

मुख्यमंत्री धामी ने कहा, कांग्रेस नैरेटिव बनाने के लिए झूठे दावे कर रही है लेकिन झूठे के सहारे उत्तराखंड की सच्चाई नहीं बदलेगी। कांग्रेस जनाधार खो चुकी है, उसके पास मुद्दे ही नहीं हैं। झूठ के दम पर कांग्रेस सत्ता में आने वाली नहीं है। कांग्रेस व राहुल गांधी को आगे भी हार का एहसास होता रहेगा।

 

रविवार को मुख्य सेवक सदन में प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, विशेष गहन पुनरीक्षण, युवाओं से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, चुनाव आयोग एक स्वतंत्र सांविधानिक संस्था है और उसके आधिकारिक निर्णयों को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि 24 जून 2025 को जारी एसआईआर का मूल आदेश पूरे आयोग की सर्वसम्मति से जारी हुआ था। किसी आंतरिक टिप्पणी को सीधे आयोग के अंतिम निर्णय में मतभेद के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 27 मई 2026 के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय में बिहार में एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग की शक्ति और अपनाई गई प्रक्रिया की वैधानिकता को स्वीकार किया गया है। आयोग के अनुसार यह प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी की कार्यप्रणाली से जुड़ा प्रशासनिक विषय था। उन्होंने कहा कि आयोग ने अनमैप्ड व तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं के दस्तावेज घर जाकर प्राप्त करने की व्यवस्था की है। सामान्य परिस्थितियों में ऐसे मतदाताओं को व्यक्तिगत सुनवाई के लिए कार्यालय बुलाने के बजाय बीएलओ उनके घर जाकर दस्तावेज प्राप्त करेंगे।

 

कॉमेडी कलाकार बने कांग्रेस के नेता
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस का संगठन भी समाप्त हो चुका है और कांग्रेस के एक नेता कॉमेडी कलाकार बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को लगता है कि इन प्रशासनिक मामलों को ढाल बनाकर वह अपनी कमजोरी छिपा सकती है। आज की पीढ़ी बहुत समझदार है और वह जानती है कि देश की सुरक्षा और विकास को लेकर किस प्रकार की राजनीति की जरूरत है। वहीं, राहुल गांधी के देहरादून दौरे के दौरान नकल के मामलों को लेकर दिए गए बयान पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नकल माफिया के खिलाफ लगातार कार्रवाई की गई है। नकल के मामलों में 100 से अधिक आरोपियों को जेल भेजा गया है। पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं। वहीं, सीएम ने हल्द्वानी प्रकरण का उल्लेख कर कहा कि किसी भी घटना को जातीय दृष्टिकोण से देखने से पहले उससे जुड़े तथ्यों की जांच आवश्यक है। उत्तराखंड को जाति और वर्ग के आधार पर बांटने की राजनीति नहीं होनी चाहिए।

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प्रमाण सार्वजनिक करे विपक्ष
जमीन से जुड़े कांग्रेस के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि विपक्ष के पास सरकार या किसी सरकारी संस्था के माध्यम से नियमों के विरुद्ध जमीन बेचे जाने या दिए जाने का कोई प्रमाण है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

राहुल गांधी में गंभीरता व समक्ष नहीं
सीएम ने कहा, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष होने के बाद राहुल गांधी में गंभीरता व समझ नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत माता से जुड़े हालिया राजनीतिक विवाद, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लेकर की गई टिप्पणी और देश के प्रथम सीडीएस जनरल बिपिन रावत से जुड़े राजनीतिक बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीतिक असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा और मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए। राज्य आंदोलन के दौरान खटीमा, मसूरी और रामपुर तिराहा गोलीकांड को उत्तराखंड कभी भूल नहीं सकता है, उस समय उत्तर प्रदेश में सपा और केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी।

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