अगर आने वाले कुछ वर्षों में हमारी जानी-पहचानी लगभग हर नौकरी गायब हो जाए। इसकी वजह न युद्ध होगा, न महामारी और न ही आर्थिक संकट, बल्कि वजह होंगी मशीनें जो हमसे बेहतर काम करने लगेंगी!
यही चेतावनी दी है लुइसविल विश्वविद्यालय (University of Louisville) के कंप्यूटर साइंस प्रोफेसर रोमन यामपोल्स्की ( ने। हाल ही में एक पॉडकास्ट बातचीत में उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) से हमारी सामना 2027 तक होगा। और जब यह आएगी, तो यह सिर्फ कुछ उद्योगों को नहीं बल्कि लगभग हर पेशे को निगल सकती है।
5 साल में एआई के हवाले होगी किस्मत
यहीं वे एक ऐसा आंकड़ा बताते हैं जो रोंगटे खड़े कर देता है। यह आंकड़ा बेरोजगारी का है। उनका अनुमान है कि यह बेरोजगारी का ऐसा स्तर होगा, जैसा इंसानी इतिहास में कभी नहीं देखा गया। दुनियाभर में बेरोजगारी 10% या 20% नहीं, बल्कि 99 फीसदी तक हो जाएगी। इससे अर्थव्यवस्था हिल जाएगी और इंसानी नौकरियां लगभग पूरी तरह खत्म हो सकती हैं।
श्रम आधारित काम पर भी होगा रोबोट्स का कब्जा
उनका मानना है कि दशक के अंत तक रोबोट न सिर्फ कार चला सकेंगे बल्कि खाना बना सकेंगे, पाइप ठीक कर सकेंगे, और यहां तक कि कक्षाएं और स्टूडियो भी संभाल सकेंगे। आज जो दुनिया हमें सामान्य लगती है, वह कल पूरी तरह अजनबी सी हो सकती है।
लेकिन यामपोल्स्की जोर देते हैं कि खतरा सिर्फ नौकरी खोने से नहीं है। वे मानते हैं कि AI अपार संपत्ति बना सकता है, बिना इंसानी श्रम के वस्तुएं और सेवाएं पैदा कर सकता है और इससे यूनिवर्सल बेसिक इनकम (UBI) जैसी योजनाएं अस्तित्व में आ सकती हैं। मगर असली समस्या पैसों की नहीं होगी।
खो सकता है जीवन का मकसद
प्रोफेसर की चेतावनी सिर्फ भविष्यवाणी नहीं है, बल्कि आने वाले कल का आईना है। और उनके पीछे छोड़ा गया सवाल और भी डरावना है- जब नौकरियां नहीं रहेंगी, तब हम क्या करेंगे? और सबसे बड़ी बात- हम तब कौन होंगे?








