टाटा ट्रस्ट ने टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के संभावित तीसरे कार्यकाल को मंजूरी दे दी है। इससे समूह की लंबे समय से चली आ रही सेवानिवृत्ति नीति में बदलाव आया है। चंद्रशेखरन का दूसरा कार्यकाल फरवरी, 2027 में समाप्त होगा। तब वह 65 वर्ष के होंगे। वैसे टाटा के अधिकारी 65 वर्ष की उम्र में कार्यकारी पदों से हट जाते हैं। हालांकि, वह 70 वर्ष की आयु तक गैर-कार्यकारी पदों पर बने रह सकते हैं।
चंद्रशेखरन के नेतृत्व के 5 वर्षों में दोगुनी हुई आय
चंद्रशेखरन के नेतृत्व में टाटा समूह ने आय लगभग दोगुनी और शुद्ध लाभ तथा बाजार पूंजीकरण तिगुना से भी अधिक बढ़ाया। 2024-25 में सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध संस्थाओं का राजस्व 15.34 लाख करोड़ था। शुद्ध लाभ 1.13 लाख करोड़ था। हालांकि, एक साल में समूह का पूंजीकरण 6.9 लाख करोड़ घटकर 10 अक्तूबर, 2025 तक 26.5 लाख करोड़ रह गया। टाटा संस की संपत्ति 2018 के 43,252 करोड़ से बढ़कर 1.49 लाख करोड़ हो गई।
चंद्रशेखरन के नेतृत्व में टाटा समूह ने आय लगभग दोगुनी और शुद्ध लाभ तथा बाजार पूंजीकरण तिगुना से भी अधिक बढ़ाया। 2024-25 में सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध संस्थाओं का राजस्व 15.34 लाख करोड़ था। शुद्ध लाभ 1.13 लाख करोड़ था। हालांकि, एक साल में समूह का पूंजीकरण 6.9 लाख करोड़ घटकर 10 अक्तूबर, 2025 तक 26.5 लाख करोड़ रह गया। टाटा संस की संपत्ति 2018 के 43,252 करोड़ से बढ़कर 1.49 लाख करोड़ हो गई।







