बिहार में अब डीजे पर फिर से चर्चा शुरू हो गई है। चल रहे बजट सत्र के दौरान निर्दलीय विधायक बंशीधर ब्रजवासी ने कहा कि ऐसे वाहनों को प्रतिबंधित किया जाएगा और यदि वे आवश्यक अनुमति के बिना चलते पाए गए तो उन्हें जब्त कर लिया जाएगा। ब्रजवासी ने इस बात पर चिंता जताई थी कि राज्य में कई डीजे वाहनों की संरचना में इस तरह बदलाव किया गया है कि उनके पंजीकरण नंबर छिपाए जा सकें।
इस मामले पर परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार सरकार अगले 15 दिनों के भीतर राज्यव्यापी जांच शुरू करेगी ताकि अनुमति नियमों का उल्लंघन करने वाले संशोधित डीजे वाहनों की पहचान करके उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि डीजे वाहन आमतौर पर एम्पलीफायर, मिक्सर और स्पीकर से लैस होते हैं, जिनसे बेहद तेज ध्वनि निकलती है।
सदन में प्रस्तुत लिखित उत्तर में मंत्री shravan कुमार ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि धारा 52 पंजीकरण प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना वाहन की संरचना में किसी भी प्रकार के संशोधन पर रोक लगाती है। उन्होंने कहा कि अनधिकृत संरचनात्मक परिवर्तन धारा 55(5) के तहत पंजीकरण रद्द करने और अधिनियम की धारा 182(ए) के तहत दंड का कारण बन सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि राज्य में बिना अनुमति के कोई भी डीजे वाहन संचालित न हो।









