Bihar:अमित शाह ने मतदाताओं से कहा- जरा सी गलती हुई तो बिहार में फिर लौट आएगा जंगलराज

 

 

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एनडीए की तीन प्रत्याशियों के पक्ष में शुक्रवार की जमुई के लक्ष्मीपुर प्रखंड के बांगरडीह मैदान में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। जनसैलाब से भरे मैदान में उन्होंने महागठबंधन पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यदि मतदाता जरा-सी भी चूक कर बैठे, तो बिहार में दोबारा जंगलराज लौट आएगा। उन्होंने दावा किया कि एनडीए शासन ने बिहार को भय और हिंसा के दौर से बाहर निकाला है और अब राज्य विकास की राह पर तेजी से बढ़ रहा है। अमित शाह ने कहा कि लालू-राबड़ी शासनकाल में नरसंहार और कट्टा संस्कृति आम बात थी। लेकिन, नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार अंधकार से निकलकर शांति की ओर बढ़ा। उन्होंने कहा कि महागठबंधन की सरकार आएगी तो जंगलराज वापस आएगा, जबकि एनडीए सुशासन और विकास का पर्याय है।

जमुई में बने गोला-बारूद से आतंकवाद पर प्रहार किया जाएगा
अमित शाह ने कहा कि “विदेश का नहीं, जमुई में बने गोला-बारूद से आतंकवाद पर प्रहार किया जाएगा। उन्होंने वादा किया कि जीविका दीदियों को दो लाख रुपए तक की राशि उपलब्ध कराई जाएगी और किसानों को दी जाने वाली सहायता राशि छह हजार से बढ़ाकर नौ हजार की जाएगी। महागठबंधन पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि उनके पास न कोई विकास एजेंडा है, न राज्य के भविष्य की कोई योजना। अंत में शाह ने कहा कि बिहार में न मुख्यमंत्री की कुर्सी खाली है, न प्रधानमंत्री की। नीतीश कुमार हमारे मुख्यमंत्री हैं और नरेंद्र मोदी हमारे प्रधानमंत्री। इन्हीं के नेतृत्व में बिहार आगे बढ़ेगा।
25 साल बाद लोग बिना डरे शाम पांच बजे तक मतदान कर पा रहे हैं
गृह मंत्री ने अपने संबोधन में जमुई में नक्सलवाद के इतिहास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कभी यह क्षेत्र नक्सलियों का गढ़ था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीति और सुरक्षा सुधारों की बदौलत अब यहां शांति स्थापित हो चुकी है। उन्होंने कहा कि पहले लोग तीन बजे तक ही मतदान कर पाते थे, लेकिन अब 25 साल बाद लोग बिना डरे शाम पांच बजे तक मतदान कर पा रहे हैं, यह एनडीए सरकार की उपलब्धि है। अमित शाह ने जनता से अपील करते हुए कहा कि जमुई सहित क्षेत्र की चारों सीटें एनडीए के खाते में जाएं ताकि विकास की गति और तेज हो सके। उन्होंने जनसभा में कई घोषणाएं भी कीं, जिनमें बिहार को अगले पांच साल में विकसित राज्य के रूप में तैयार करने की योजना, खेतों तक नदी का पानी पहूंचाने का प्रोजेक्ट, जमुई में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्राकृतिक सौंदर्य का उपयोग, और डिफेंस कॉरिडोर के तहत गोला-बारूद का कारखाना स्थापित करने की बात शामिल थी।
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