देश में बढ़ती एलपीजी मांग और सप्लाई सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने गैस कनेक्शन से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब सभी घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए आधार आधारित e-KYC कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नए नियम के तहत बायोमेट्रिक या फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए पहचान सत्यापन जरूरी होगा। अगर यूजर e-KYC पूरा नहीं करता है, तो गैस सिलिंडर की बुकिंग और सब्सिडी दोनों प्रभावित हो सकती हैं।
क्यों जरूरी किया गया e-KYC?
सरकार के इस फैसले के पीछे कई अहम वजह:
- फर्जी और डुप्लीकेट गैस कनेक्शन खत्म करना।
- ब्लैक मार्केटिंग और स्टॉकिंग पर रोक लगाना।
- सही लाभार्थियों तक सब्सिडी पहुंचाना।
क्या है एलपीजी आधार ई-केवाईसी?
- एलपीजी ई-केवाईसी एक डिजिटल प्रक्रिया है, जिसमें गैस कनेक्शन धारक अपनी पहचान को आधार के माध्यम से सत्यापित करता है।
- इसमें आधार नंबर के साथ बायोमेट्रिक या फेस ऑथेंटिकेशन किया जाता है।
- इससे गैस कंपनियों का डेटा अपडेट होता है और सरकार यह सुनिश्चित कर पाती है कि सब्सिडी सही व्यक्ति तक पहुंच रही है।
ई-केवाईसी के लिए क्या-क्या जरूरी है?
- आधार कार्ड
- एलपीजी कंज्यूमर नंबर
- गैस एजेंसी का नाम
- मोबाइल नंबर
- बैंक अकाउंट डिटेल (सब्सिडी के लिए)
e-KYC नहीं कराया तो क्या होगा?
- गैस सिलिंडर बुकिंग में दिक्कत आ सकती है।
- सब्सिडी मिलने में देरी हो सकती है।
- कनेक्शन की जानकारी अपडेट नहीं मिल सकती है।
- कुछ मामलों में सब्सिडी अस्थायी रूप से रोकी जा सकती है।







