बंगाल की सियासत- हेमंत सोरेन का विमान न उतरने देने पर भड़की TMC, कहा- PM मोदी आदिवासी विरोधी

श्चिम बंगाल के झाड़ग्राम को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। टीएमसी ने आरोप लगाया है कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी एवं विधायक कल्पना सोरेन को झाड़ग्राम में हेलीकॉप्टर लैंडिंग की अनुमति नहीं दी गई।

क्या कहा टीएमसी ने?
टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी कर आरोप लगाया कि यह फैसला उस समय लिया गया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झाड़ग्राम में मौजूद थे और उन्होंने अपना कार्यक्रम बढ़ा दिया था। पार्टी ने इसे आदिवासी-विरोधी मानसिकता करार दिया और कहा कि यह आदिवासी नेताओं के साथ भेदभाव है। टीएमसी ने अपने बयान में कहा कि दोनों नेता लोकतांत्रिक रूप से चुने गए हैं, फिर भी उन्हें घंटों इंतजार कराया गया और बाद में उन्हें रांची लौटने को मजबूर होना पड़ा। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया।

आदिवासी नेताओं का अपमान?
टीएमसी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने आदिवासी लोगों का अपमान किया है। पार्टी ने कहा यह मोदी का आदिवासी नेताओं के प्रति सम्मान है। यह उन निर्वाचित प्रतिनिधियों के प्रति उनका आदर है जो उनके सामने घुटने नहीं टेकते। वह आदिवासी वोट हासिल करने के लिए झाड़ग्राम आए थे। वह उन्हीं लोगों का अपमान करके चले गए जिनके साथ खड़े होने का उन्होंने दावा किया था। बंगाल ने यह देखा और बंगाल 4 मई को इसे याद रखेगा।

बंगाल की सियासत- हेमंत सोरेन का विमान न उतरने देने पर भड़की TMC, कहा- PM मोदी आदिवासी विरोधी

पीएम मोदी का झाड़ग्राम दौरा
गौरतलब है कि रविवार को झाड़ग्राम में पीएम मोदी ने चार जनसभाएं की थीं। इसके बाद वे एक स्थानीय दुकान पर रुके और मशहूर स्ट्रीट फूड ‘झालमुड़ी’ का स्वाद लिया। दुकान के विक्रेता दीपक कुमार ने बताया कि पीएम मोदी ने खाने की तारीफ की और उनसे बातचीत भी की। उन्होंने कहा ‘उन्होंने मेरा नाम पूछा और यह भी पूछा कि मैंने कितनी पढ़ाई की है… वह करीब 10 मिनट तक वहां रुके और बच्चों से भी मिले।’ विक्रेता ने कहा कि उन्हें पता नहीं था कि प्रधानमंत्री वहां आने वाले हैं।

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