सेटेलाइट बस अड्डे के पास नाला खुला हुआ है। मंगलवार रात एक युवक नाले में गिर गया था। वहां मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश भी की, लेकिन तब तक वह डूब चुका था। सूचना मिलते पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। रात 12 बजे के बाद उसे खोजने के लिए रेस्क्यू शुरू किया गया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
बुधवार को भी पूरा दिन नगर निगम के साथ ही प्रशासनिक अमला व पुलिस भारी-भरकम मशीनें लेकर सेटेलाइट पर डटी रहीं। मोटे सीमेंटेड स्लैब तोड़ने के लिए रामपुर से पायलिंग मशीन मंगाई गई। नाले का स्लैब तोड़ने के बाद पानी निकाला गया। नाले में भरे कचरे के कारण रेस्क्यू टीमों को काफी दिक्कतें आईं।
सफाई के दौरान हटाया गया था स्लैब
आसपास के दुकानदारों ने बताया कि पिछले साल सफाई के दौरान नाले का स्लैब हटा दिया गया था। इसके बाद नगर निगम के सफाई कर्मचारियों को नाला बंद करने की याद नहीं आई। यही खुला नाला इस हादसे की वजह बना।
रेस्क्यू के दौरान नगर आयुक्त संजीव मौर्य, एडीएम सिटी सौरभ दुबे भी मौके पर पहुंचे। सीओ प्रथम पंकज श्रीवास्तव बारादरी थाना पुलिस के साथ कई घंटे मौके पर डटे रहे। हैरानी की बात यह है कि 29 घंटे के बाद भी युवक को न तो खोजा जा सका है और न उसकी पहचान की जा सकी है।
रात में बंद की रोड की एक लेन, बसों को दूसरी ओर रोका गया
रात में ट्रैफिक का दबाव कम होने के बाद रोड पर खोदाई शुरू की गई। इससे पहले ईसाइयों की पुलिया पर बेरिकेडिंग लगाकर रोड की दाहिनी ओर वाली लेन पर वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया। इस दौरान शाहजहांपुर की ओर से आने वाली बसों को रोड के दूसरी ओर रोका गया। नाले के सीमेंटेड स्लैब की मोटाई एक फुट से ज्यादा है ऐसे में इसे तोड़ना मुश्किल हो रहा है।
बचाने पहुंचा तब तक डूब चुका था युवक
सेटेलाइट बस अड्डे के पास हाल ही में दुकान खोलने वाले रवि की दुकान पर लगे सीसी कैमरे में ही घटना का वीडियो रिकॉर्ड हुआ है। रवि ने बताया कि उसने जैसे ही युवक को खुले नाले में गिरता देखा तो उसे बचाने के लिए दौड़ा, लेकिन तब तक वह डूब चुका था। उसका हाथ दिख रहा था वह भी चंद सेकंड में दिखना बंद हो गया।
जिम्मेदारों के खिलाफ दर्ज हो हत्या का केस
सेटेलाइट के पास ही दुकान चलाने वाले संतोष ने बताया कि जिम्मेदारों ने गहरे नाले को ऊपर से स्लैब रखकर बंद कर दिया होता तो युवक इसमें नहीं गिरता। यह सीधे हत्या का मामला बनता है। ऐसे में जिम्मेदारों के खिलाफ हत्या की धाराओं में ही कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को कम किया जा सके।
घटनास्थल पर है तीन बड़े नालों का चैंबर प्वाइंट
खुले नाले में जिस स्थान पर युवक गिरा वह स्थान शहर के अलग-अलग इलाकों से आने वाले तीन नालों का चैंबर प्वाइंट है। यहां से एक बड़ा नाला कैंट होते हुए नकटिया नदी की ओर चला जाता है। यह बड़ा नाला अंडरग्राउंड है और इसका बहाव काफी तेज रहता है। इसके बाद भी सफाई के नाम पर नगर निगम के कर्मचारियों ने यहां स्लैब हटाने के बाद फिर से नाला नहीं ढका।
नाले की गहराई नौ और चौड़ाई चार फुट
इस स्थान पर नाले की गहराई नौ फुट और चौढ़ाई चार फुट है। नाला ऊपर तक भरा रहता है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि अगर कोई इस नाले में गिरने से डूबता है तो उसका क्या हाल होगा। जिम्मेदार अगर पहले से इस ओर ध्यान न देते तो नगर निगम की इस तरह किरकिरी न हुई होती।
लगाने पड़े यह संसाधन
- 80 श्रमिक और कर्मचारी
- 05 जेसीबी
- 03 वाटर सक्शन पंप वाले टैंकर
- 01 क्रेन
- 04 ट्रैक्टर-ट्रॉली
- 01 स्लैब काटने की पायलिंग मशीन