अयोध्या- उत्सव नहीं, संकल्प बना जन्मदिवस: सुशील चतुर्वेदी जी ने सेवा, संस्कार और राष्ट्रभावना से रचा प्रेरक इतिहास

Spread the love

र्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या में समाजसेवा, संस्कार और मानवीय संवेदना का एक अनुकरणीय उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब वरिष्ठ समाजसेवी सुशील चतुर्वेदी ने अपने जन्मदिवस को व्यक्तिगत उत्सव न बनाकर समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्ग के नाम समर्पित कर दिया।
इस अवसर पर आयोजित सेवा कार्यक्रम में उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद बच्चों के बीच पुस्तकें, कॉपियां, पेन, अन्य शैक्षणिक सामग्री तथा वस्त्र वितरित किए। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सहायता करना नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य को संवारने और उनमें आत्मविश्वास जगाने का था।
बच्चों के चेहरे बने सेवा की पहचान
शिक्षा सामग्री पाकर बच्चों के चेहरों पर जो खुशी और उत्साह देखने को मिला, वही इस आयोजन की सबसे बड़ी सफलता रही। कई बच्चों ने पहली बार नई किताबें और कॉपियां पाईं, जिससे उनके भीतर पढ़ाई के प्रति नई ऊर्जा और विश्वास दिखाई दिया। अभिभावकों ने भावुक होकर कहा कि ऐसे कार्य उनके बच्चों के सपनों को पंख देने का काम करते हैं।
भावुक संबोधन में दिया जीवन संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुशील चतुर्वेदी जी ने कहा—
“जन्मदिन मनाने का वास्तविक अर्थ केक काटना या दिखावा करना नहीं है, बल्कि किसी जरूरतमंद के जीवन में खुशियां लाना है। शिक्षा और संस्कार के बिना न तो व्यक्ति आगे बढ़ सकता है और न ही समाज।”
उन्होंने कहा कि अयोध्या केवल एक नगर नहीं, बल्कि मर्यादा, त्याग और सेवा की जीवंत प्रेरणा है। भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाकर ही सशक्त और समरस समाज का निर्माण किया जा सकता है।
गरिमामयी उपस्थिति से बढ़ा आयोजन का महत्व
इस कार्यक्रम में सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी भी आयोजन में शामिल हुए। सभी अतिथियों ने एक स्वर में कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक सोच, सेवा भावना और संस्कारों को मजबूत करते हैं।
समाजसेवा को बनाया जीवन का उद्देश्य
सुशील चतुर्वेदी जी लंबे समय से समाज और राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे नियमित रूप से—
गरीब एवं असहाय वर्ग की सहायता
धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन
युवाओं में राष्ट्रभावना और नैतिक मूल्यों का जागरण
सामाजिक समरसता, नशामुक्ति और सेवा अभियानों का संचालन
जैसे कार्य करते आ रहे हैं। उनके प्रयासों से समाज में जागरूकता और सहयोग की भावना को निरंतर बल मिला है।
सम्मान और दायित्व से बढ़ी जिम्मेदारी
उनके निःस्वार्थ सामाजिक योगदान के लिए उन्हें नेशनल समाजसेवी अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। साथ ही वे राष्ट्रीय रक्षा हिंदू परिषद में प्रदेश धर्म प्रचारक प्रभारी, उत्तर प्रदेश के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। इन जिम्मेदारियों के माध्यम से वे समाज में संस्कार, धार्मिक चेतना और सेवा कार्यों को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं।
युवाओं के नाम विशेष अपील
अपने संदेश में उन्होंने युवाओं से कहा—
“आज का युवा यदि सेवा, शिक्षा और संस्कार को अपना ले, तो देश का भविष्य स्वतः उज्ज्वल हो जाएगा। नशामुक्त समाज, सामाजिक एकता और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए युवाओं को आगे आना होगा।”
समापन: समाज को मिली नई प्रेरणा
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों, समाजसेवियों एवं स्थानीय नागरिकों ने सुशील चतुर्वेदी जी के दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और निरंतर समाजसेवा की कामना की।
अयोध्या में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक जन्मदिवस समारोह नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया, जो समाज के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा।

और पढ़े  एक साथ नहीं होगी शहर के मुख्य स्कूलों की छुट्टी, जाम से बचने के लिए बनाई गई गाइडलाइन, लगेगा जुर्माना

Spread the love
  • Related Posts

    राहुल गांधी ने श्रमिकों का समर्थन किया,बोले- यही है विकसित भारत का सच, जानें और क्या..

    Spread the love

    Spread the loveउत्तरप्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर कर्मचारियों के हिंसक प्रदर्शन पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी ने इसे…


    Spread the love

    नोएडा में आक्रोशित कर्मचारियों ने किया पथराव,सेक्टर 80 में पत्थरबाजी; पुलिस ने लाठीचार्ज कर खदेड़ा

    Spread the love

    Spread the loveउत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर कल हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद नोएडा के फेज 2 में प्रदर्शनकारी आज फिर से जमा…


    Spread the love