अपर निदेशक डॉ. बृजेश कुमार सिंह चौहान ने संज्ञान लिया शुक्रवार को उन्होंने तीन अस्पतालों का निरीक्षण किया। इस दौरान पीएचसी मड़ना में बेड पर बिछी चादर कटी-फटी मिली। डाक्टर व स्वास्थ्यकर्मी आवश्यक दवा और जांचों की जानकारी नहीं दे सके। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई है।
हमारी टीम ने ‘कितनी सुधरी बुनियादी चिकित्सा सेवा’ अभियान चलाया है। इसके तहत टीम ने पूरा बाजार के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मड़ना, बीकापुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोछा बाजार और चौरे बाजार की पड़ताल की थी। तीनों जगह खामियों का अंबार मिला। डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों की मनमानी हर जगह सामने आई। परिसर में शौचालय, पेयजल आदि से संबंधित इंतजाम नहीं मिले, जिसे क्रमशः 21 से 23 जनवरी के अंक में प्रकाशित किया गया।
अपर निदेशक स्वास्थ्य ने इन खबरों का संज्ञान लिया और शुक्रवार की दोपहर 12:30 बजे पीएचसी मड़ना पहुंचे। केंद्र पर एलटी आलोक कुमार मिले, जो मानक के अनुसार जांचों के संबंध में जवाब नहीं दे पाए। आयुष चिकित्सक डॉ. संघप्रिय गौतम इमरजेंसी दवाओं की सूची के सापेक्ष उपलब्ध दवाओं की जानकारी नहीं दे सके। हेल्थ एटीएम चालू हालत में नहीं मिला। ट्रायज वार्ड में एक बेड पड़ा था, जिस पर चादर कटी-फटी हालत में मिली। अपर निदेशक ने सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित वर्मा को पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त करने और शौचालय व परिसर की नियमित साफ-सफाई करने के निर्देश दिए।
इसके बाद वह दोपहर एक बजे सीएचसी पूरा बाजार पहुंचे। इस दौरान दवा वितरण कक्ष में कोई फार्मासिस्ट नहीं मिला। बीफार्मा के प्रशिक्षु दवाएं दे रहे थे। एनबीएसयू में कोई बच्चा भर्ती नहीं मिला। दोपहर 1:20 बजे वह पीएचसी दर्शननगर गए। यहां हेल्थ एटीएम संचालित नहीं मिला। आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था करके इसे शीघ्र संचालित करने का निर्देश दिया गया। अधीक्षक ने बताया कि पीएचसी पर कोई चिकित्सक तैनात नहीं है। अब्बू सराय के डॉ. विक्रम सौरभ को यहां कार्य करने के लिए तैनात किया गया है, लेकिन उन्होंने अब तक योगदान नहीं दिया है।
अपर निदेशक ने सभी स्टाफ को निर्धारित वेशभूषा में रहने, परिसर में नियमित साफ-सफाई करने के निर्देश दिए। अपर निदेशक ने बताया कि जांच में मिली कमियां दूर करके अवगत कराने के लिए सीएमओ को निर्देशित किया गया है।







