Ankita Murder Case – अंकिता भंडारी की हत्या वेश्यावृत्ति से इनकार करने पर की गई,आरोपियों ने हिरासत में उगले सारे राज..


बीते
5 दिनों से लापता अंकिता भंडारी की नहर में धकेल कर हत्या की गई। यह खुलासा करते हुए पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर रिजॉर्ट के संचालक पूर्व राज्यमंत्री के बेटे रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य व उसके दो मैनेजरों को गिरफ्तार कर लिया। अंकिता की शव तलाशने के लिए पुलिस ने एसडीआरएफ की मदद ली। चीला नहर का पानी बंद कराया लेकिन शाम तक उसका शव बरामद नहीं किया जा सका। शनिवार सुबह अंकिता का शव बरामद कर लिया गया। एएसपी कोटद्वार शेखर सुयाल ने शुक्रवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पौड़ी गढ़वाल के नांदलस्यूं पट्टी के श्रीकोट निवासी अंकिता भंडारी (19) वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थी। वह गत 18 सितंबर को रहस्मय ढंग से लापता हो गई थी। रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य की ओर से उसकी गुमशुदगी राजस्व पुलिस चौकी में दर्ज कराई गई।<strong>Ankita Murder Case – अंकिता भंडारी की  हत्या वेश्यावृत्ति से इनकार करने पर की गई,आरोपियों ने हिरासत में उगले सारे राज..</strong> बृहस्पतिवार तक अंकिता का कुछ पता नहीं चला। इसके बाद मामला लक्ष्मणझूला थाना पुलिस को ट्रांसफर कर दिया था। इसके बाद जब पुलिस ने जांच की तो रिजॉर्ट के संचालक और उसके मैनेजरों की भूमिका सामने आई। रिजॉर्ट के कर्मचारियों से पूछताछ में पता चला कि 18 सितंबर को शाम करीब आठ बजे अंकिता रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर अंकित और भाष्कर के साथ रिजॉर्ट से गई थी। इसके बाद करीब साढ़े दस बजे ये तीनों ही रिजॉर्ट में लौटे। अंकिता उनके साथ नहीं थी। इस आधार पर पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने सारे घटनाक्रम को उगल दिया। उन्होंने पुलिस को बताया कि अंकिता पर वह यहां आने वाले ग्राहकों से संबंध बनाने को कहते थे। यह बात अंकिता सबको बता रही थी। वह बार-बार रिजॉर्ट की हकीकत सामने लाने की धमकी दे रही थी। इस बात को लेकर विवाद चल रहा था। घटना वाले दिन दो अलग-अलग वाहनों पर चारों लोग चीला बैराज के पास गए। वहां पर उन्होंने फास्टफूड के साथ शराब पी। इसके बाद आगे चले और नहर किनारे रुक गए। यहां पर पुलकित और अंकिता का फिर से झगड़ा होने लगा। इस बीच अंकिता ने पुलकित का मोबाइल फोन छीनकर नहर में फेंक दिया।
इस बात पर पुलकित को गुस्सा आ गया और उसने अंकिता को नहर में धक्का दे दिया। अंकिता ने दो बार पानी से ऊपर आकर बचाने की आवाज लगाई। मगर, तीनों डर गए और वहां से भागकर रिजॉर्ट में आ गए। कुछ देर बाद तीनों ही राजस्व पुलिस चौकी में गुमशुदगी दर्ज कराने चले गए। एएसपी ने बताया कि लंबी पूछताछ के बाद पुलकित आर्य (निवासी स्वदेशी भवन, आर्यनगर, ज्वालापुर हरिद्वार), अंकित उर्फ पुलकित गुप्ता आर्य (निवासी दयानंद नगरी, ज्वालापुर, हरिद्वार) और सौरभ भास्कर (निवासी सूरजनगर, ज्वालापुर, हरिद्वार) को हत्या, साक्ष्य छुपाने आदि के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया।

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