ईरान के सर्वोच्च नेता अली हुसैनी खामनेई की मौत पर जहां लोगों में गम है, वहीं शिया समुदाय ने ईद पर खुशियां न मनाने का फैसला लिया है। नए कपड़े नहीं खरीदे जाएंगे। पुराने कपड़े पहनकर ही ईद की नमाज पढ़ी जाएगी। इस दौरान बांह पर काली पट्टी भी बांधेंगे। 20 या 21 मार्च को ईद होगी।
अंजुमन तंजीमुल अजा के महासचिव सैयद नादिर अब्बास नकवी ने बताया कि शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने अपील की है कि अली खामनेई के इंतकाल पर इस बार ईद की पारंपरिक खुशियां नहीं मनाई जाएंगी। लोग केवल ईद की नमाज अदा करेंगे। नादिर अब्बास ने कहा कि शिया समुदाय के लोग ईद पर नए कपड़े नहीं पहनेंगे, बल्कि पुराने कपड़ों में ही नमाज पढ़ने के लिए जाएंगे। साथ ही अपनी बांह पर काली पट्टी बांधकर खामनेई को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
शाहजमाल कर्बला के मुतवल्ली मुख्तार जैदी ने कहा कि यह फैसला शोक को व्यक्त करने के लिए लिया गया है। इससे पहले एक मार्च को खामनेई की मौत के विरोध में सर सैयद नगर स्थित हुसैनी मस्जिद से यूनिवर्सिटी सर्किल तक जुलूस निकलेगा। यूनिवर्सिटी में दो बार गायबाना नमाज-ए-जनाजा पढ़ी गई।








