अल्मोड़ा बस हादसे के चश्मदीदों की आपबीती रोंगटे खड़े कर देने वाली है। हादसे में जिंदा बच्चे यात्रियों के अनुसार, सब कुछ पलक झपकते हुआ। किसी ने लोहे की पाइप थाम ली तो किसी को इतना भी मौका नहीं मिला। हादसे के बाद तीन घायल रामनगर अस्पताल पहुंचाए गए। उनकी आंखों में डर साफ झलक रहा था।
द्वाराहाट राईका में एलटी गणित के शिक्षक राकेश कुमार धस्माना (45) मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के रहने वाले हैं। वर्तमान में उनका परिवार देहरादून में रहता है। राकेश ने बताया कि स्कूल में अवकाश होने के कारण वह देहरादून जाने के लिए निकले थे। सुबह करीब छह बजे वह द्वाराहाट से बस में सवार हुए और चालक के पीछे सीट पर बैठे थे।
सफर के दौरान उन्हें हल्की झपकी आ गई। तभी जोरदार झटका लगा। आंख खुली तो बस ढलान पर लुढ़क रही थी। खतरे का अहसास होते ही उन्होंने चालक की सीट के पीछे लगी लोहे की पाइप को पूरी ताकत से पकड़ लिया। उसी पल आंखें बंद हो गई। होश तब आया जब खुद को खाई में पाया।
किसी तरह उन्हें बस से बाहर निकाला गया। शिक्षक के सिर और पैर में गंभीर चोटें आई और ये बेहोश हो गए। परिजन उन्हें इलाज के लिए देहरादून ले गए हैं।
नंदी को होश आया तो खाई में पड़ी थी बस
हरीश बोले- पता नहीं चला कि हादसा कैसे हो गया?
तीन बुजुर्गों की मौत से शोक में डूबा जमोली
अल्मोड़ा के विनायक-भिकियासैंण मीटर मार्ग पर हुए दर्दनाक बस हादसे के बाद जमोली गांव शोक में डूब गया है। इस हादसे में एक ही गांव के तीन बुजुर्गों की असमय मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है। हादसे में जमोली निवासी गोविंद बल्लभ मठपाल (80) और उनकी पानी पार्वती देवी (75) की मौके पर ही मौत हो गई। बताया गया कि दंपती हाल ही में एक पारिवारिक संस्कार पीपलपानी में शामिल होने के लिए गांव आए थे।
मंगलवार सुबह वह पैतृक गांव जमोली से गोविंदपुर गढ़वाल हल्द्वानी को जा रहे थे लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह उनका आखिरी सफर बन जाएगा। इसी हादसे में गांव के ही एक अन्य बुजुर्ग नंदन रिसंह (70) की भी जान चली गई। तीन बुजुर्गों की एक साथ मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में कोहराम मच गया। ग्रामीणों के अनुसार गोविंद बल्लभ और उनकी पली धार्मिक प्रवृत्ति के थे।
तारा का भैंस पालने का सपना रह गया अधूरा
हादसे में जान गंवाने वाली पाली गांव की तारा देवी (45) को कहानी हर किसी की आंखें नम कर रही है। तारा देवी मंगलवार सुबह भिकियासैंण ब्लॉक मुख्यालय आ रही थीं। उनका उद्देश्य एक भैंस खरीदने के लिए ब्लॉक से 40 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत कराने से जुड़े कागजात तैयार कराना था। परिवार को आर्थिक स्थिति सुधारने और स्वरोजगार के लिए उन्होंने यह कदम उठाया था लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। हादसे के बाद घर में मातम पसरा है और परिजन गहरे सदमे में हैं।
अल्मोड़ा में सौ फीट गहरी खाई में गिरी बस, सात लोगों की मौत, 12 घायल
अल्मोड़ा के भिकियासैंण में मंगलवार सुबह भीषण सड़क हादसा हो गया। निजी बस विनायक-भिकियासैंण मोटर मार्ग पर सिरकौन के पास अनियंत्रित होकर करीब 100 फीट गहरी खाई में जा गिरी। नौबाड़ा से रामनगर जा रही बस में सवार सात यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुर्घटना में चालक-परिचालक समेत 12 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बस में 19 सवारियां थीं। सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिकियासैंण में प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
मंगलवार को सुबह करीब 8.15 बजे बस संख्या यूके 07 पीए 4025 अनियंत्रित होकर सिरकौन बैंड के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा इतना भयानक था कि बस रक्षेश्वर मंदिर को जाने वाली कच्ची सड़क पर पहुंच गई। सूचना मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। बस में सवार एक यात्री जितेंद्र रिखाड़ी ने फोन के माध्यम से अपने परिजनों को दुर्घटना की जानकारी दी। स्थानीय लोग तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और अपने स्तर से राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिकियासैंण लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को रामनगर रेफर कर दिया गया। हादसे की जानकारी के बाद रानीखेत विधायक रानीखेत डॉ. प्रमोद नैनवाल और सल्ट विधायक महेश जीना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिकियासैंण पहुंचे। उन्होंने हादसे में घायल लोगों का हालचाल जाना। डीएम अंशुल सिंह, एसएसपी देवेंद्र पींचा और एसपी हरबंश सिंह भी मौके पर पहुंचे। डीएम का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
स्थानीय अस्पताल में हुआ पोस्टमार्टम
सड़क हादसे में मृत सात लोगों का रानीखेत उप जिला अस्पताल की टीम ने सीएचसी भिकियासैंण पहुंचकर मृतकों का पोस्टमार्टम किया। जिला प्रशासन ने पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया है।
दो घायल ऋषिकेश एम्स रेफर
विनायक भिकियासैंण मोटर मार्ग पर सिरकौन के पास हुए बस हादसे में गंभीर दो घायल नंदा बल्लभ और हंसी देवी को हेली से रेस्क्यू कर ऋषिकेश एम्स पहुंचाया गया है।
मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख की राहत
डीएम अंशुल सिंह के आदेश पर मृतकों के आश्रितों को कुल 14 लाख रुपये (दो-दो लाख) की राहत राशि स्वीकृत की गई है। यह धनराशि तहसीलदार भिकियासैंण को आरटीजीएस के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है। डीएम अंशुल सिंह ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है।








