अहमद अल शरा पहुंचे अमेरिका के एतिहासिक दौरे पर, 1946 के बाद किसी सीरियाई राष्ट्रपति का पहला यूएस दौरा

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सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल शरा अमेरिका के दौरे पर पहुंचे हैं। यह दौरा बेहद ऐतिहासिक है क्योंकि साल 1946 के बाद पहली बार कोई सीरियाई राष्ट्रपति अमेरिका के आधिकारिक दौरे पर वॉशिंगटन पहुंचे हैं। सीरियाई राष्ट्रपति का अमेरिका दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब अमेरिका ने सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल शरा का नाम आतंकवादी सूची से एक दिन पहले ही हटाया है।

सोमवार को होगी ट्रंप से मुलाकात
सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल शरा वॉशिंगटन में सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। इससे पहले जब मई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब का दौरा किया था, उस वक्त सऊदी अरब के रियाद शहर में भी ट्रंप की अहमद अल शरा से मुलाकात हुई थी। सीरिया में अमेरिका के राजदूत टॉम बराक ने उम्मीद जताई कि अहमद अल शरा के इस अमेरिका दौरे पर सीरिया की सरकार, आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के खिलाफ अमेरिका के नेतृत्व वाले गुट में शामिल होने के समझौते पर हस्ताक्षर कर सकती है।

 

शरा का नाम आतंकवादी सूची से हटा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका, सीरियाई राजधानी दमिश्क के पास एक सैन्य अड्डा बनाने की योजना बना रहा है। इस सैन्य अड्डे का मकसद मानवीय सहायता के काम में समन्वय बताया जा रहा है। अमेरिका के विदेश विभाग ने पुष्टि की है कि अहमद अल शरा को आतंकवादी सूची से हटा दिया गया है क्योंकि शरा ने सीरिया में लापता अमेरिकियों का पता लगाने और बचे हुए रसायनिक हथियारों को खत्म करने की सहमति दी है। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी अहमद अल शरा पर लगे प्रतिबंधों को हटा लिया था, जिसके बाद शरा ने सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा को भी संबोधित किया। ऐसा करने वाले भी शरा पहले सीरियाई राष्ट्रपति हैं।

आतंकी संगठन अल कायदा से रहा है जुड़ाव
अहमद अल शरा के पूर्व के संगठन हयात तहरीर अल-शाम (HTS) का खूंखार आतंकी संगठन अल-कायदा से जुड़ाव था। यही वजह थी कि अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने शरा का नाम आतंकवादी सूची में डाला हुआ था। हालांकि बाद में शरा सक्रिय राजनीति में उतरे और बीते साल बशर अल असद के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया। सत्ता संभालने के बाद से, शरा और सीरिया के नए नेतृत्व ने खुद को अपने उग्रवादी अतीत से दूर कर सीरियाई लोगों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने एक अधिक उदार छवि पेश करने की कोशिश की है।

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