पुरानी दिल्ली स्थित लाल किले के पास सोमवार शाम चलती कार में एक जोरदार धमाका हुआ। यह धमाका इतना जबर्दस्त था कि इसकी चपेट में आए लोगों के हाथ, फेफड़े, सिर शरीर से अलग होकर हवा में उछल गए। कई गाड़ियों में आग लग गई। अब पुलिस इसकी हर पहलू से जांच कर रही है, जिसमें आतंकी साजिश के पहलू से जांच शामिल है। धमाके के कोई तीन घंटे बाद इससे जुड़े कुछ नए खुलासे हुए।
धमाका किसमें हुआ?
यह धमाका Hyundai i20 कार में हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस कार के अंदर तीन लोग बैठे थे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी धमाके के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में i20 कार का जिक्र किया। उन्होंने यह भी बताया कि हर पहलू से इस मामले की जांच की जा रही है।
कार किसकी थी, धमाका कैसे हुआ?
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, कार बेहद धीमी गति से चल रही थी। शाम 6:52 बजे इसमें धमाका हुआ। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआत में यह जानकारी सामने आई कि यह कार किसी नदीम खान के नाम पर रजिस्टर्ड थी और इस पर हरियाणा की नंबर प्लेट लगी थी। बाद में यह खुलासा हुआ कि यह दिल्ली पुलिस ने गुरुग्राम पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई में सोमवार को मोहम्मद सलमान को हिरासत में लिया है।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, सलमान से उस कार के बारे में पूछताछ की जा रही है जिसमें धमाका हुआ था। उसने यह कार ओखला निवासी देवेंद्र को बेची थी, जिसने बाद में इसे अंबाला के एक व्यक्ति को बेच दिया। फिलहाल पुलिस वाहन के अंतिम खरीदार और उससे जुड़े सभी लोगों की पहचान व ठिकाने का पता लगाने में जुटी है।
यह धमाका असाधारण क्यों है?
इस बारे पुलिस सूत्रों ने बताया कि घायलों को जब अस्पताल पहुंचया गया, तब यह पाया गया कि उनके शरीर पर किसी पैलेट या पंचर होने के निशान नहीं थे। अगर मामला बम धमाके का हो, तो ऐसा पाया जाना असाधारण है। इसी वजह से हर पहलू से इसकी जांच की जा रही है। धमाका इतना तेज था कि चार किलोमीटर दूर आईटीओ तक इसकी आवाज सुनी गई। यह भी असाधारण है।
धमाके के बाद क्या हुआ?
धमाके के बाद तुरंत एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। आग को शाम 7:29 बजे काबू पा लिया गया। कम से कम छह कारों, दो ई-रिक्शा और एक ऑटो रिक्शा आग की चपेट में आ गए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जानकारी मिलते ही तुरंत 10 मिनट के भीतर, दिल्ली क्राइम ब्रांच और दिल्ली स्पेशल ब्रांच की टीमें मौके पर पहुंच गईं।









