पैरावर्ल्ड आर्चरी चैंपियनशिप: शीतल बनीं पैरावर्ल्ड आर्चरी चैंपियन, तुर्किये की खिलाड़ी को हराकर जीता स्वर्ण

Spread the love

 

18 साल की भारतीय तीरंदाज शीतल देवी ने इतिहास रच दिया। बिना हाथों के खेलने वाली इस भारतीय खिलाड़ी ने पैरावर्ल्ड आर्चरी चैंपियनशिप में महिलाओं की कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीत लिया। शीतल ने तुर्किये की विश्व नंबर 1 ओजनुर क्योर गिरदी को 146-143 से हराकर यह उपलब्धि हासिल की। शीतल देवी इस प्रतियोगिता में एकमात्र ऐसी खिलाड़ी थीं जो अपने पैरों और ठुड्डी का इस्तेमाल कर तीर चलाती हैं। यह इस चैंपियनशिप में उनका तीसरा पदक था।

Sheetal Devi becomes Para World Archery champion by defeating Turkiye's world No.1 Oznur Cure Girdi

शीतल ने इससे पहले कंपाउंड मिक्स्ड टीम स्पर्धा में तोमन कुमार के साथ मिलकर कांस्य पदक जीता था। भारतीय जोड़ी ने ग्रेट ब्रिटेन की जोड़ी जोडी ग्रिनहैम और नाथन मैकक्वीन को 152-149 से हराया। महिला कंपाउंड ओपन टीम स्पर्धा में शीतल और सरिता की जोड़ी को फाइनल में तुर्की से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। व्यक्तिगत फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। पहला राउंड 29-29 से बराबर रहा, लेकिन शीतल ने दूसरे राउंड में लगातार तीन 10 मारते हुए बढ़त हासिल की और 30-27 से राउंड जीता।

 

तीसरा राउंड फिर बराबर 29-29 पर छूटा। चौथे राउंड में शीतल से हल्की चूक हुई और उन्होंने 28 अंक बनाए, जबकि गिरदी ने एक अंक से यह राउंड जीता। हालांकि, शीतल अभी भी 116-114 से दो अंकों की बढ़त पर थीं। शीतल ने अंतिम राउंड में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए लगातार तीन परफेक्ट 10 मारकर 30 अंक बनाए और गोल्ड मेडल पक्का किया। यह उनका पहला व्यक्तिगत विश्व चैंपियनशिप स्वर्ण पदक है। सेमीफाइनल में जम्मू-कश्मीर की इस खिलाड़ी ने ब्रिटेन की जोडी ग्रिनहैम को 145-140 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। यह फाइनल मुकाबला 2023 पिलसेन वर्ल्ड चैंपियनशिप का रीमैच था, जहां गिरदी ने शीतल को 140-138 से हराया था। इस बार शीटल ने बदला लेते हुए जीत हासिल की।

और पढ़े  सुप्रीमकोर्ट में 5 नए जज: सीजेआई सूर्यकांत ने दिलाई शपथ, पहली बार न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 37 हुई

 

ओपन टीम फाइनल में शीतल और सरिता की जोड़ी ने शुरुआत दमदार की थी। भारतीय जोड़ी ने पहले राउंड में तुर्किये की जोड़ी ओजनुर क्योर गिरदी और बुर्सा फात्मा उन को 38-37 से पछाड़ दिया। लेकिन दूसरे राउंड में तुर्किये की जोड़ी ने वापसी की और स्कोर 76-76 से बराबर कर दिया। तीसरे राउंड में भारतीय जोड़ी दबाव में आ गई और केवल 36 अंक बना सकी, जबकि तुर्किये ने 37 अंक लेकर बढ़त हासिल कर ली। अंतिम राउंड में तुर्किये की जोड़ी ने लगभग परफेक्ट स्कोर 39/40 बनाया। भारतीय टीम केवल 36 अंक बना सकी, जिसमें एक तीर 7-रिंग में लगा। इस तरह तुर्किये ने चार अंकों के अंतर से स्वर्ण पदक अपने नाम किया।


Spread the love
  • Related Posts

    Meeting: इंडिया ब्लॉक की बैठक शुरू, खरगे-राहुल, सोनिया-ममता, अखिलेश-तेजस्वी समेत कई नेता मौजूद

    Spread the love

    Spread the loveविपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया ब्लॉक की अहम बैठक आज दिल्ली में आयोजित होगी। जिसमें हालिया विधानसभा चुनाव के बाद की रणनीति पर मंथन होगा। वहीं, विधानसभा चुनावों…


    Spread the love

    कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन:- अभिजीत दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान को दी थी 5 बजे तक इस्तीफे की डेडलाइन, सरकार से नहीं मिला जवाब

    Spread the love

    Spread the loveदिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले युवाओं और छात्रों ने एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। इस आंदोलन का नेतृत्व सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके…


    Spread the love