पेपर लीक मामले में पुतला दहन करने से रोकने पर कांग्रेसी और कोतवाल आमने-सामने आ गए। बुद्धपार्क में दोनों पक्षों में काफी देर तक बहस हुई। बाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी के साथ प्रदेश सरकार और यूकेएसएसएससी का पुतला फूंककर इस्तीफे की मांग की। इस दाैरान पुलिस ने पुतला छीनने की कोशिश की तो कांग्रेस जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल ने आत्मदाह की चेतावनी दे डाली। कहा कि पुतला छीना तो सभी कार्यकर्ता खुद को आग लगा देंगे।
पुलिस ने सरकार का पुतला फूंकने पर एतराज किया। इस पर कोतवाल यादव की विधायक हृदयेश और पार्टी जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल से नोकझोंक हुई। करीब 20 मिनट तक हंगामा होता रहा। बाद में कांग्रेसियों ने पुतला दहन किया। वहां गोविंद बिष्ट, हेमंत बगडवाल, मधु सांगुड़ी, जया कर्नाटक, राधा आर्य, कमला सनवाल, सुहैल सिद्दीकी, मलय बिष्ट, हेमंत साहू, लाल सिंह पवार, जाकिर हुसैन आदि थे।
सभा में कांग्रेसियों ने कहा कि पेपर लीक प्रकरण भाजपा सरकार की विफलता का प्रतीक है। यह युवाओं के भविष्य के साथ धोखा है। भाजपा लोकतंत्र को खत्म करने पर आमादा है। जिलाध्यक्ष छिमवाल ने कहा कि भाजपा सरकार चाहे जितना जोर लगा ले, लाखों बेरोजगार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं कर पाएगी। छिमवाल ने कहा कि पुलिस बेचारी है, उसे जैसा आदेश मिला वह उसके अनुपालन में आ गई। प्रदेश सरकार के दबाव में पुलिस काम कर रही है। सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए पुलिस का सहारा ले रही है।
जिपं अध्यक्ष चुनाव में दिखानी थी पुलिस को तत्परता
विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि पुतला दहन रोकने में जिस तत्परता से पुलिस लगी थी, यदि उतनी तत्परता जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के दौरान दिखाई होती तो लोकतंत्र की हत्या की साजिश विफल हो जाती और देवभूमि शर्मसार होने से बच जाती। उन्होंने कहा कि पुलिस पुतला दहन कार्यक्रम रोकना चाहती थी लेकिन उसके मंसूबे कामयाब नहीं हुए।
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस फोर्स बुद्धपार्क गई थी।अमूमन हर प्रदर्शन के दौरान पुलिस तैनात रहती है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्वक तरीके से पुतला दहन करने के लिए कहा गया। -राजेश यादव, कोतवाल हल्द्वानी







