लखपति दीदी योजना, ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने और उनकी वार्षिक आय एक लाख करने के लिए एक पहल है। यह योजना कौशल विकास, वित्तीय साक्षरता और उद्यमिता के माध्यम से महिलाओं को स्थायी आजीविका स्थापित करने में मदद करती है, ताकि वे वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बन सकें और समुदाय के लिए प्रेरणा स्रोत बनें। सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मुताबिक इसी तर्ज पर राज्य में बेहतर काम करने वाली महिला स्वयं सहायता समूहों को 10 से 20 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा।
इससे बचत और समूह निर्माण की संस्कृति विकसित होगी। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इससे महिलाएं साहूकारों के शोषण से बचकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेंगी। जो इस ऋण से अपने व्यावसायिक विचारों को हकीकत में बदल सकेंगी।