भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को एनडीए उम्मीदवार सी. पी. राधाकृष्णन के भारत के नए उपराष्ट्रपति चुने जाने पर खुशी जताई और कहा कि यह चुनाव परिणाम उनकी व्यापक स्वीकार्यता का संकेत है, क्योंकि कई विपक्षी सांसदों ने भी ‘अपनी अंतरात्मा की आवाज’ पर उन्हें वोट दिया। राधाकृष्णन को 452 वोट मिले, जबकि विपक्षी गठबंधन के संयुक्त उम्मीदवार बी. सुधर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले। यह उम्मीद से कहीं बड़ी जीत मानी जा रही है, जिससे साफ है कि विपक्षी खेमे से भी क्रॉस-वोटिंग हुई।
संसदीय लोकतंत्र को मजबूती देगा राधाकृष्णन का अनुभव: अमित शाह
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई दी और कहा कि एक नेता के रूप में उनकी समझदारी और प्रशासनिक अनुभव भारत के संसदीय लोकतंत्र को मजबूती देने में मदद करेगा, विशेष रूप से हाशिए पर खड़े लोगों की सेवा में।
विपक्षी सांसदों ने भी किया राधाकृष्णन का समर्थन: संजय जायसवाल
लोकसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक संजय जायसवाल ने सभी मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एनडीए उम्मीदवार को 452 वोट इसलिए मिले क्योंकि कुछ विपक्षी सांसदों ने भी उनका समर्थन किया। उन्होंने दावा किया कि लगभग ’40 विपक्षी सांसदों’ ने अंतरात्मा की आवाज सुनकर एनडीए के उम्मीदवार राधाकृष्णन को वोट दिया। उन्होंने संसद भवन परिसर में पीटीआई से कहा, हम उनका भी आभार प्रकट करते हैं।
‘सही साबित हुआ राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाने का फैसला’
भाजपा सांसद ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व की भी सराहना की और कहा कि उपराष्ट्रपति पद के लिए राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाने का निर्णय सही साबित हुआ। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जो भी फैसला लिया जाता है, वह सही होता है। इसीलिए हमारे (एनडीए) उम्मीदवार की जीत हुई। उन्होंने आगे कहा, हमारी संख्या 427 थी, लेकिन हमें 452 वोट मिले। यह दिखाता है कि हमारे उम्मीदवार को व्यापक समर्थन मिला। जायसवाल ने स्पष्ट रूप से उन वोटों की ओर इशारा किया जो अमान्य घोषित किए गए। उन्होंने कहा कि 15 सांसदों ने जानबूझकर ठीक ढंग से वोट नहीं डाला। हो सकता है उन्होंने इसलिए ऐसा किया क्योंकि वे न तो इंडिया ब्लॉक के साथ जाना चाहते थे और न ही भारतीय जनता पार्टी के साथ।
नई ऊंचाइयों को छुएगी राज्यसभा, मजबूत होंगी संसदीय परंपराएं: राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि राधाकृष्णन के नेतृत्व में राज्यसभा नई ऊंचाइयों को छुएगी और देश की संसदीय परंपराएं और अधिक मजबूत होंगी। उन्होंने एक्स पर लिखा, उनका व्यापक अनुभव, संविधान और विधायी मामलों की गहरी जानकारी और जनता से जुड़ाव की भावना उनकी इस नई भूमिका को और समृद्ध बनाएगी।
संसदीय चर्चा को नई दिशा देगा राधाकृष्णन का अनुभव: जेपी नड्डा
राधाकृष्णन से मुलाकात के बाद भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि देश के प्रति उनकी निष्ठा, लंबे समय का प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव और राष्ट्रीय हित में निरंतर काम करने की भावना राज्यसभा की लोकतांत्रिक और सांविधानिक परंपराओं को और अधिक सशक्त और समृद्ध बनाएगी। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी कहा कि उन्हें भरोसा है कि राधाकृष्णन अपने अनुभव और समझ से देश की संसदीय चर्चा को नई दिशा देंगे और लोकतंत्र को और समृद्ध करेंगे।
अनुशासन, समर्पण और ईमानदारी का प्रतीक हैं राधाकृष्णन: वेंकैया नायडू
पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने भी राधाकृष्णन को बधाई दी और कहा, तमिलनाडु से आने वाले राधाकृष्णन अनुशासन, समर्पण और ईमानदारी के प्रतीक हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा, पार्टी संगठन में नीचे से ऊपर तक उनकी यात्रा और प्रेरणादायक जीवन कहानी, सार्वजनिक जीवन में वर्षों की मेहनत और राष्ट्र सेवा का प्रमाण है।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर साधा निशाना
वहीं, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश के आज के उस सोशल मीडिया पोस्ट पर निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कहा था कि उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान समाप्त हो गया है, विपक्ष एकजुट है। उसके सभी 315 सांसद मतदान के लिए उपस्थित हुए हैं। यह अभूतपूर्व सौ फीसदी मतदान है। दुबे ने इसे रिपोस्ट करते हुए तंज कसा, मिले 300 (वोट) ही, 15 लोग कौन से भागकर हमको यानी एनडीए उम्मीदवार को वोट दे गए? भाई आपके तो जनता के साथ नेता भी भाग गए। भाजपा सांसद ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, वैसे राहुल गांधी जी, उपराष्ट्रपति का चुनाव ईवीएम से नहीं मतपत्र से ही हुआ।









