मराठा आरक्षण आंदोलन: अपडेट- आज चौथे दिन जरांगे ने जल त्यागा, प्रदर्शन के कारण दक्षिण मुंबई में भारी ट्रैफिक जाम

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डॉक्टरों ने सोमवार को मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे की सेहत की जांच की। जरांगे ने चौथे दिन पानी पीना भी बंद कर दिया था। दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में उनकी भूख हड़ताल चौथे दिन में प्रवेश कर गई है। मराठा समुदाय के सैकड़ों लोग आरक्षण की मांग करते हुए छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) और दक्षिण मुंबई के अन्य इलाकों में एकत्र हुए, जिससे ट्रैफिक जाम और यात्रियों को परेशानी हुई।

अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस ने सीएसएमटी की ओर जाने वाले ट्रैफिक को दूसरे मार्गों पर मोड़ दिया, जबकि बृहन्मुम्बई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बीईएसटी) ने भी सीएसएमटी जाने वाली सभी बसों को रोक दिया या मार्ग बदल दिया। इस गतिरोध के बीच महाराष्ट्र के मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने कहा कि सरकार मराठा आरक्षण मुद्दे का ऐसा समाधान निकाल रही है जो कोर्ट में टिक सकेगा।

 

जरांगे ने सोमवार से पानी पीना भी बंद कर दिया। उनके समर्थकों ने कहा कि वह अपनी मांग पूरी होने तक यहां से नहीं हटेंगे। उनकी मांग है कि मराठा समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के तहत 10 फीसदी आरक्षण दिया जाए। राज्य के जे जे अस्पताल की एक डॉक्टरों की टीम आजाद मैदान पहुंची और उसने जरांगे का ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल चेक किया।

पास में स्थित सीएसएमटी पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी नारे लगाते और नाचते दिखे, जिससे रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ जमा हो गई। कई प्रदर्शनकारी महापालिका मार्ग, जे जे मार्ग और डी एन रोड की ओर जाने वाली सड़क पर जमा हुए, जिससे कुछ समय के लिए ट्रैफिक जाम हो गया। आजाद मैदान क्षेत्र में भारी पुलिस तैनाती थी, लेकिन प्रदर्शनकारी सुरक्षा कर्मियों की बात नहीं मान रहे थे।

कुछ समूह बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) की इमारत के परिसर में घुसने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोका। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने वहां बाहर ‘एक माराठा लाख माराठा’ और ‘आरक्षण आमचा हक्का आहे’ जैसे नारे लगाए। सुबह के समय कई प्रदर्शनकारी सीएसएमटी और पास के बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) भवन के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। यात्रियों, खासकर कार्यालय जाने वाले लोगों को ट्रेनों में भीड़ की वजह से परेशानी हुई।

मांग न मानी तो मुंबई आएंगे पांच करोड़ मराठा: जरांगे  
इस बीच, जरांगे ने यह भी चेतावनी दी कि अगर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मराठा समुदाय की आरक्षण मांगें नहीं सुनते हैं तो पांच करोड़ से अधिक मराठा मुंबई आ जाएंगे। जरांगे ने फडणवीस पर मुद्दे पर जानबूझकर फैसला टालने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, समुदाय को आरक्षण देने का फैसला लेना बहुत आसान है। राज्य सरकार को बस यह कहना है कि वह हैदराबाद, सातारा और अन्य गैजटियर लागू कर रही है और मराठवाड़ा के सभी माराठाओं को कुनबी घोषित कर दे। ऐसे प्रमाणपत्र जिला कलेक्टर और तहसीलदार द्वारा वितरित किए जा सकते हैं।

जरांगे ने चेतावनी दी, मराठा मुंबई आने के लिए इंतजार कर रहे हैं। वे सही समय का इंतजार कर रहे हैं। अगर फडणवीस समुदाय की मांगें नहीं सुनते तो पांच करोड़ से ज्यादा माराठा मुंबई आएंगे। जरांगे ने आरक्षण आंदोलनकारियों से भी कहा कि वे इस दौरान मुम्बई वासियों को असुविधा न होने दें।

‘गोली भी चलाएंगे तो आजाद मैदान से नहीं हटेंगे’
इससे पहले जरांगे ने कहा था कि वह गोली खाने को भी तैयार हैं, ताकि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में मराठा समुदाय को आरक्षण मिल सके। जरांगे ने सरकार से मांग की कि उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आरक्षण पर सरकारी आदेश (जीआर) जारी किया जाए।  महाराष्ट्र सरकार ने रविवार को कहा कि वह मराठा समुदाय के लिए कुनबी जाति की ओबीसी स्थिति को लागू करने पर कानूनी राय लेगी, जिसके लिए  हैदराबाद गजटियर का सहारा लिया जाएगा। हालांकि, इस बात से जरांगे प्रभावित नहीं हुए और उन्होंने कहा कि चाहे देवेंद्र फडणवीस सरकार प्रदर्शन करने वालों पर गोली भी चलाए, वह दक्षिण मुंबई में स्थित आजाद मैदान से तब तक नहीं हटेंगे, जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं हो जातीं।

 

ओबीसी श्रेणी में मराठाओं को 10 फीसदी आरक्षण की मांग
जरांगे शुक्रवार से आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं और मराठा समुदाय को ओबीसी श्रेणी में 10 फीसदी आरक्षण देने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने रविवार को कहा था कि वह मुंबई छोड़कर नहीं जाएंगे और सरकार के पास 58 लाख मराठाओं के कुनबी होने के दस्तावेज हैं। उन्होंने कहा, कल (सोमवार) से मैं पानी पीना बंद कर दूंगा, क्योंकि सरकार हमारी मांगें नहीं मान रही है। लेकिन आरक्षण की मांग पूरी होने तक मैं यहां से नहीं हटूंगा। हम किसी भी कीमत पर मराठाओं को ओबीसी आरक्षण दिलाएंगे।

 

सरकार के पास मराठियों को कुनबियों से जोड़ने वाले 58 लाख दस्तावेज
जरांगे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार को यह कहना चाहिए कि मराठा कुनबी जाति की उपजाति हैं। उनके पास 58 लाख ऐसे दस्तावेज हैं, जो मराठाओं को कुनबियों से जोड़ते हैं। जो आरक्षण लेना चाहते हैं, वे इसे लेंगे। अगर कानूनी समस्या है, तो मराठाओं को सिर्फ कुनबी न कहें। उन्होंने कहा कि कोई भी मराठाओं को ओबीसी आरक्षण लेने से नहीं रोक सकता।

 

आजाद मैदान और आसपास के इलाकों पर प्रदर्शनकारियों का कब्ज
मराठा प्रदर्शनकारियों ने आजाद मैदान और आसपास के इलाकों पर कब्जा कर लिया था। सोमवार को सरकारी और निजी कार्यालय फिर से खुलने लगे। हालांकि, पुलिस ने दक्षिण मुंबई की ओर यातायात में सुबह से बाधा आने की चेतावनी दी थी। मुंबई यातायात पुलिस ने सोशल मीडिया पर लिखा था, आजाद मैदान में प्रदर्शन के कारण दक्षिण मुंबई की ओर जाने वाले मार्ग पर सोमवार सुबह ट्रैफिक धीमा और बीच-बीच में रुकावट हो सकती है। कृपया ट्रैफिक सिग्नल पर दिए गए निर्देशों का पालन करें।

 

मराठा आरक्षण आंदोलन पर कारोबारियों ने जताई चिंता
कारोबारियों ने भी मराठा आंदोलन को लेकर चिंता जताई है और सरकार या हाईकोर्ट से दखल की मांग की है, ताकि दक्षिण मुंबई के व्यवसायों को लंबे समय तक नुकसान से बचाया जा सके। खुदरा व्यापारी कल्याण संघ के अध्यक्ष वीरेंद शाह ने कहा कि आजाद मैदान में भारी भीड़ ने दक्षिण मुंबई को पूरी तरह अस्त-व्यवस्त कर दिया है और दुकानों व बाजारों की साप्ताहांत बिक्री प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा, मुंबई को जैसे बंधक बना लिया गया हो।


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