श्रीकृष्ण जन्माष्टमी जैसे पावन पर्व पर जब पूरा देश भक्ति और उत्सव में डूबा हुआ था, उस समय अयोध्या के ख्यातिप्राप्त समाजसेवी श्री सुशील चतुर्वेदी जी ने सेवा और संवेदना की नई मिसाल पेश की। वे गोरखपुर स्थित गुरु गोरक्षनाथ वृद्धाश्रम पहुंचे और वहाँ रह रहे बुजुर्गजनों को आर्थिक सहायता प्रदान करते हुए उनके जीवन को संबल देने का कार्य किया। वृद्धजन ही समाज की नींव” – सुशील चतुर्वेदी जी बुजुर्गजनों से आत्मीय संवाद करते हुए श्री चतुर्वेदी जी ने कहा – हमारे बुजुर्ग ही समाज की जड़ और शक्ति हैं। उनकी सेवा करना केवल कर्तव्य ही नहीं बल्कि सच्ची ईश्वर भक्ति भी है। जन्माष्टमी का यह अवसर हमें यही प्रेरणा देता है कि हम दूसरों के जीवन में आशा और खुशी बाँटें। स्वास्थ्य सेवा की नई पहल सेवा को सर्वोपरि मानते हुए श्री चतुर्वेदी जी ने वृद्धाश्रम के बुजुर्गों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी घोषणा की। उनके आदेश पर डॉ. मनोज कुमार ओझा को वृद्धाश्रम की नियमित देखभाल और चिकित्सा सेवाओं के लिए नियुक्त किया गया है। इस पहल से वृद्धजनों को समय पर इलाज मिलेगा और उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा।
समाजसेवा को समर्पित जीवन श्री सुशील चतुर्वेदी जी लंबे समय से शिक्षा, स्वास्थ्य, धार्मिक आयोजन और मानव सेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनका मानना है कि – “समाज में बदलाव सिर्फ भाषणों से नहीं, बल्कि सेवा कार्यों से आता है।” उनका यह कदम एक बार फिर साबित करता है कि वे केवल समाजसेवी नहीं बल्कि मानवता के सच्चे प्रहरी हैं। गणमान्य लोगों ने की सराहना इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें ओम प्रकाश उपाध्याय, कृपेंद्र मिश्रा, डॉ. A.K सिंह, अनिल यादव शामिल थे। सभी ने मिलकर कहा कि श्री सुशील चतुर्वेदी जी का यह कदम आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। कार्यक्रम का आयोजन : समाजसेवी श्री सुशील चतुर्वेदी जी स्थान : गुरु गोरक्षनाथ वृद्धाश्रम, गोरखपुर








