उत्तरकाशी में आपदा: मलबे में दबे कई मकान..बह गई सड़कें और पुल, लापता हुए लोग, उत्तरकाशी के धराली में चारों तरफ भयानक तबाही

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त्तराखंड के उत्तरकाशी के धराली में मंगलवार को भारी बारिश के बाद बादल फटा और भयानक तबाही मच गई। खीर गंगा से आई तबाही में धराली गांव बर्बाद हो गया। पानी के सैलाब और मलबे की चपेट में आने से पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई। करीब चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 70 लोग लापता बताए जा रहे हैं। सेना का रेस्क्यू अभियान जारी है। तबाही की चपेट में सेना का कैंप भी आया। कई जवानों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है। यहां नदी के किनारे हैलीपैड बना था, वो भी बह गया है।

एनडीआरएफ की टीमें मौके पर रेस्क्यू अभियान चला रही हैं। आईटीबीपी की टीमें भी राहत कार्यों में लगी हैं। राज्य और केंद्र सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रहीं हैं।

 

उत्तरकाशी में खीरगंगा नदी में बादल फटने से तबाही
दरअसल, उत्तरकाशी में जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर धराली गांव के ऊपर खीरगंगा में मंगलवार दोपहर बादल फटने से खीरगंगा नदी में सैलाब आ गया। तेजी से आए मलबे और पानी की चपेट में आने से धराली का मुख्य बाजार पूरी तरह तबाह हो गया। साथ ही प्रसिद्ध कल्प केदार मंदिर भी पूरी तरह मलबे में बह गया है।

Cloud Burst in Uttarkashi Homes Buried Under Debris, Several Missing Amid Widespread Devastation

जिला प्रशासन ने बताया कि देर शाम तक 130 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका था। चार लोगों के मरने की पुष्टि की है। जबकि करीब 70 लोग लापता बताए जा रहे हैं। साथ ही 30 होटल-दुकान-घर मलबे में बहने के कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ मकान मलबे में दब गए हैं, सड़कें धराशायी हो गई हैं। सड़कें और एक पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण घटनास्थल तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। धराली गांव के चारों ओर भयानक तबाही मची है।

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खीर गंगा में बादल फटने से सबसे ज्यादा तबाही धराली में 
बताया जा रहा है कि हर्षिल घाटी में मंगलवार को तीन जगह बादल फटे। खीर गंगा में बादल फटने से सबसे ज्यादा तबाही धराली में मची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 1.50 बजे गांव के ऊपर बादल फटा।

 

लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर दौड़े लोग
इसके बाद महज 20 सेकंड के भीतर खीरगंगा नदी का पानी और मलबा मुख्य बाजार की ओर मुड़ गया। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर दौड़ रहे थे, लेकिन इससे पहले कि वह सुरक्षित जगह पर पहुंच पाते सैलाब ने सब कुछ तबाह कर दिया।

Cloud Burst in Uttarkashi Homes Buried Under Debris, Several Missing Amid Widespread Devastation

वहां मौजूद कई होटल, रिसॉर्ट, दुकानें, घर और सेब के बगीचे जमींदोज हो गए। वहां चीख-पुकार मच गई। देखते ही देखते पूरा बाजार मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया और एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना और पुलिस की टीमें मौके पर भेजी गई। बचाव दल ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया और होटल में फंसे कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

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हर्षिल सेना कैंप को हुआ अधिक नुकसान
उत्तरकाशी जिले में आई आपदा ने धराली और हर्षिल दोनों ही क्षेत्रों में भारी नुकसान पहुंचाया है। धराली गांव में खीरगंगा नदी में आए सैलाब से लोगों की वर्षों की मेहनत से बनाई गई संपत्ति पल भर में मलबे के नीचे दब गई, वहीं हर्षिल में तेलगाड में बादल फटने से सेना का कैंप भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।

Cloud Burst in Uttarkashi Homes Buried Under Debris, Several Missing Amid Widespread Devastation

धराली में आई बाढ़ से कई लोगों की पुश्तैनी संपत्तियां तबाह हो गईं। होटल और रेस्टोरेंट चलाने वाले लोगों की वर्षों की मेहनत मलबे में बह गई। कई लोग तो लीज पर होटल और रेस्टोरेंट चलाते थे। इसके अलावा ग्रामीणों के पुश्तैनी सेब के बागान भी कई हेक्टेयर में नष्ट हो गए। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं के अनुसार वीडियो के आधार पर धराली में करीब 25 से 30 लोग लापता हैं और लगभग 20 से 25 होटल व दुकानें क्षतिग्रस्त हुई हैं।

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हर्षिल में सेना के कैंप को भारी नुकसान
धराली के साथ-साथ हर्षिल में भी तेलगाड में बादल फटा है जिससे सेना के कैंप को बहुत नुकसान पहुंचा है। मलबे की चपेट में आने से सेना की चौकियां और कुछ बंकर दब गए हैं। हालांकि जवानों के हताहत होने की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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बिजली आपूर्ति ठप
इस आपदा के कारण मनेरी से आगे की विद्युत लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई है। इसकी वजह से भटवाड़ी, हर्षिल और गंगोत्री क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। प्रशासन नुकसान का आकलन कर राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है।


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