अयोध्या: सिद्ध पीठ रंग महल में भगवान की फूल बंगले की झांकी सजाई गई

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रामनगरी की प्रसिद्ध उपासना पीठ श्री रंगमहल में सावन माह की पूर्व संध्या पर झूलन महोत्सव और फूल बंगले की भव्य झांकी के साथ भक्ति और सौंदर्य का अनुपम संगम देखने को मिला अवधविहारी-विहारिणी के विग्रह को झूले पर विराजमान कर पुष्पों और पुष्पलड़ियों से इस कदर सजाया गया कि पूरा रंगमहल फूल-बंगले में तब्दील हो गया। श्रद्धालुओं और संतों की उपस्थिति में आराध्य के समक्ष संगीतमय आराधना की महफिल सजी, जिसमें रसिक संत सरयूशरण महाराज द्वारा रचित पदों की प्रस्तुति ने श्रद्धा, भक्ति और संस्कृति की त्रिवेणी प्रवाहित कर दी।उत्सव की अध्यक्षता कर रहे रंगमहल पीठाधीश्वर महंत रामशरणदास महाराज ने श्रद्धालु संतों का स्वागत कर आभार जताया। उन्होंने भावुक होकर कहा — “हमारी श्वांस-प्रश्वांस आराध्य के साथ धड़कती है, वे हमारे सहचर हैं, और हम उन्हें सतत चैतन्य रूप में अनुभव करते हैं।”
प्रमुख संतों और विशिष्ट जनों की गरिमामयी उपस्थिति
इस भव्य अवसर पर मणिरामदास छावनी के महंत कमलनयन दास, दशरथमहल बड़ास्थान के पीठाधीश्वर बिदुगाद्याचार्य देवेंद्रप्रसादाचार्य, बावन जी मंदिर के वैदेही बल्लभ शरण, नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास, पूर्व सांसद लल्लू सिंह, महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, भाजपा नेता अभिषेक मिश्रा, कमिश्नर गौरव दयाल एवं आईजी प्रवीण कुमार सहित अयोध्या के कई संत एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
* झूलन महोत्सव की परंपरा

गुरु पूर्णिमा से आरंभ होने वाला यह उत्सव, रंगमहल और सद्गुरु सदन में परंपरानुसार 19 दिन पूर्व ही शुरू हो गया है और पूरे सावन माह तक चलेगा। वहीं आम मंदिरों में यह आयोजन सावन शुक्ल तृतीया से प्रारंभ होता है।

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300 वर्षों की विरासत

तीन शताब्दी पूर्व सिद्ध संत स्वामी सरयूशरण द्वारा प्रतिष्ठित रंगमहल, आज भी उनकी भावधारा को आत्मसात कर भक्तों को सजीव अनुभूति प्रदान कर रहा है। यहां सजने वाली ‘गलबहियां की झांकी’ — जिसमें राम-सीता एक-दूसरे के कंधे में बाहें डाल सावन के उल्लास में डूबते प्रतीत होते हैं — इसी परंपरा का जीवंत प्रतीक है।
स्वागत सत्कार
मंदिर से जुड़े संत राहुल जी, पुजारी साकेत जी और छोटू भैया ने अतिथियों का पुष्पहार व तिलक कर भावपूर्ण स्वागत किया।
रात्रि आठ बजे से आरंभ हुई संगीत संध्या, मध्यरात्रि की शयन आरती के साथ संपन्न हुई, जिसमें आराधना की गूंज और भक्तिरस की तरंगों ने हर दिल को स्पंदित कर दिया।


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