Chamoli: निजमुला घाटी में तेज बारिश से तबाही, उफान पर गदेरे…जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त

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निजमुला घाटी के गाड़ी गांव में रात को हुई भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गांव का पैदल रास्ता ध्वस्त हो गया है। बिजली और पानी की सप्लाई भी ठप पड़ गई है। बिरही-निजमुला सड़क भी काली चट्टान व तौली तोक के पास अवरुद्ध हो गया है। जिला प्रशासन की पहल पर सड़क को खोलने का काम भी शुरू हो गया है।

निजमुला घाटी में बीती रात तेज बारिश हुई। गाड़ी गांव में इससे सबसे अधिक नुकसान हुआ है। गांव का मुख्य पैदल मार्ग ध्वस्त हो गया है। इस मार्ग के ठीक ऊपर से नेत्र सिंह का आवासीय मकान को खतरा उत्पन्न हो गया है। गांव की पेयजल लाइन का मुख्य स्रोत भी क्षतिग्रस्त हो गया है।

तोली, ननाली और नेवा तोक को जाने वाली पेयजल लाइन भी ध्वस्त हो गई है। जिससे ग्रामीणों के सम्मुख पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई है।  तोली तोक के पास पेड़ गिरने से क्षेत्र में सप्लाई हो रही 33 केवी की विद्युत लाइन भी टूट गई है। जिससे निजमुला घाटी के 13 से अधिक गांवों में बिजली गुल हो गई है।

सेरा गांव में अतिवृष्टि नुकसान
चमोली जिले में मंगलवार रात्रि को सेरा गांव में अतिवृष्टि नुकसान हुआ है। घटना में दो गौशाला को नुकसान होने के साथ ही कुछ घरों में मलबा घुसा गया है। जिसका संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी संदीप तिवारी के निर्देश पर तहसील प्रशासन की टीम  घटना स्थल का निरीक्षण कर रही है। जिलाधिकारी ने प्रभावितों को तत्काल राहत देने के साथ ही ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के आदेश दिए हैं।

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बाढ़ की चेतावनी
मौसम विज्ञान विभाग के हाइड्रोमेट डिवीजन (नई दिल्ली) ने बाढ़ के खतरे का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके बाद राज्य आपातकालीन केंद्र ने जिलाधिकारियों को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि सोमवार को राज्य में 24 घंटे में अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी में भारी बरसात के कारण जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने और बाढ़ के खतरे की संभावना व्यक्त की गई है। ऐसे में प्रत्येक स्तर पर तत्परता एवं सुरक्षा बनाए रखते हुए आवागमन में नियंत्रण बरतने समेत अन्य सावधानियां बरती जाएं।

प्रदेश में बारिश के बाद मलबा आने से 74 सड़के बंद
प्रदेश में बारिश के बाद मलबा आने से 74 सड़के बंद हो गई हैं। वहीं पहले से बंद ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भी औजरी के पास नहीं खुल पाया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक रुद्रप्रयाग में पांच, उत्तरकाशी में एक एनएन और आठ ग्रामीण सड़के बंद हैं। इसके अलावा नैनीताल में एक, चमोली में एक राज्य मार्ग और 20 सड़के, पिथौरागढ़ में 9, अल्मोड़ा में तीन, बागेश्वर में आठ, चंपावत में एक, पौड़ी में छह, देहरादून में चार और टिहरी जिले में आठ ग्रामीण सड़के बंद हैं।


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