मुख्यमंत्री श्री पुष्कर धामी की द्वारा कोरोना संक्रमण की सम्भावित फैल सकने वाली तीसरी लहर से निपटने को लेकर तथा कोविड-19 टीकाकरण में अब तक हुई प्रगति को लेकर जनपदवार समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यदि कोरोना की तीसरी लहर आती है तो इससे निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारी जैसे आक्सीजन बेड, वेंटिलेटर, आक्सीजन सिलेंडर आदि का पुख्ता इंतजाम अभी से कर लें। साथ ही निर्देश दिए कि सभी बाहरी सीमाओं से आने वाले किसी भी व्यक्ति को बिना कोरोना की जांच किए तथा बिना आरटीपीसीआर की रिपोर्ट नेगेटिव के बाद ही जनपद में प्रवेश दिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि इस महामारी से जूझ रहे लोगों को इलाज के लिए हॉस्पिटल में देरी होती है तो उन्हें तत्काल चिकित्सा उपलब्ध करना हमारी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि इस महामारी ने सभी को झकझोर किया है लेकिन आम जन सहित सभी की मेहनत एवं जागरूकता से हमने इस पर काफी हद तक काबू पा लिया है। उन्होंने कहा कि यदि हम अभी से तैयारी करेंगे तो आने वाली तीसरी संभावित लहर से बच्चों एवं अन्य को आसानी से बचा सकते है। उन्होंने जिलाधिकारियो से कहा कि इस महामारी से लड़ने में सभी ने बहुत अच्छा कार्य किया है लेकिन आगे आने वाली चुनोतियों से निपटने के लिए और सजग रहते हुए एवं तैयारियों के साथ काम करना होगा। उन्होंने जिलाधिकारियों से कहा कि कोविड की वर्तमान परिस्थितियों से निपटने के लिए अपने विवेक से क्या किया जा सकता है उसके हल की जरूरत है, जिससे हम सभी लोगो को इससे बचा सकते है।
जिला चम्पावत की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी श्री विनीत तोमर ने बताया कि जिले में कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की सभी तैयारि की गई है और आवश्यकता पड़ने पर शेष व्यवस्था की तैयारी करने का शत प्रतिशत प्रयास किया जा रहा है तथा जिला प्रशासन किसी आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिये मुस्तैद है। श्री तोमर ने माननीय मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि अगर जिले में ऐसी कोई विपरीत परस्थिति आती है तो जिला प्रशासन के द्वारा उससे निपटने के पुख्ता इंतजाम किये हैं। उन्होंने जिले में हुई टीकाकरण की प्रगति तथा समस्तl
चिकित्सा व्यवस्थाओं से माननीय मुख्यमंत्री जी को विस्तारपूर्वक अवगत कराया। बैठक में चम्पावत से पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी त्रिलोक सिंह मर्तोलिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी आर पी खण्डूरी, एपीडी विमि जोशी, ईई लोनिवि एमसी पांडेय, ईई एनएच एलडी मथेला, ईई विधुत एसके गुप्ता, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडे आदि अधिकारी मौजूद रहे।








