उत्तराखंड : मुख्यमंत्री बनने के बाद विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहे तीरथ सिंह रावत, खूब हुई फजीहत।

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10 मार्च को जब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शपथ ली थी तो किसी को भी यह अंदाजा नहीं था कि वे अपने 115 दिन के कार्यकाल में राष्ट्रीय स्तर पर विवादों में आ जाएंगे। इस अवधि में उन्होंने इतने विवादित बयान दिए कि सोशल मीडिया पर उनकी जमकर फजीहत हुई थी। 

तीरथ सिंह रावत के बयानों पर छिड़े विवाद से देशभर में सियासत गरमा गई थी। सड़क से लेकर संसद तक में बयानों पर उबाल दिखा था। विपक्षी पार्टियों समेत विभिन्न संगठनों ने सीएम के जींस और फिर शॉर्ट्स से संबंधित बयान की जमकर आलोचना की थी। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ट्विटर और फेसबुक पर कई दिन तक टॉप ट्रेंड में रहे थ। वहीं, फेसबुक पर भी हैशटैग रिप्ड जींस, रिप्ड पैंट, रिप्ड बॉडी और तीरथ सिंह रावत ट्रेंड में रहा था।

वहीं, शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस मामले को राज्यसभा में भी उठाया था। उन्होंने कहा था कि प्रदूषण के मुद्दों की जगह नेताओं का ध्यान महिलाओं के कपड़ों पर है। उन्होंने तीखी टिप्पणी कर कहा था कि महिलाओं के कपड़ों को जज करने का अधिकार नेताओं को किसने दिया। वहीं, समाजवादी पार्टी से सांसद जया बच्चन, तृणमूल कांग्रेस से सांसद महुआ मोइत्रा, कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी, दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल समेत कई हस्तियों ने तीरथ के बयान की निंदा की थी। वहीं, अभिनेत्री गुल पनाग, अमिताभ बच्चन की नातिन नव्या, कंगना रानौत समेत कई अभिनेत्रियों और मॉडल्स ने भी सोशल मीडिया पर जींस और शॉर्ट्स में अपनी तस्वीरें पोस्ट कर सीएम के बयान की निंदा की थी। आइए जानते हैं सीएम के बयानों के बारे में…

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मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत कुर्सी संभालने के बाद हरिद्वार पहुंचे। उन्होंने कहा कि कुंभ 12 साल बाद आता है। अगर इसमें भी इतनी सख्ती होगी तो कैसे चलेगा। कोई आरटीपीसीआर जांच नहीं होगी। जिसे आना है जी भरकर कुंभ में आकर स्नान करे। उन्होंने कहा कि कुंभ को लेकर कोई रोक-टोक नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों को कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के यहां मेरी पेशी लगेगी। वह पूछेंगे, डांटेंगे तो कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन कुंभ के अखाड़ों, व्यापारियों और लोगों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उनके इस बयान को लेकर खूब चर्चाएं हुईं। यहां तक की पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी इसे जोखिम भरा कदम करार दिया। 

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि मोदी का चमत्कार है। वह लोगों को कहते हैं त्रेता व द्वापर युग में राम व कृष्ण हुए हैं। राम ने भी समाज का काम किया था तो लोग उन्हें भगवान मानने लगे। आने वाले समय में लोग नरेंद्र मोदी को उसी रूप में मानने लगेंगे। जो काम नरेंद्र मोदी कर रहे हैं, उसकी जयजयकार है। मोदी है तो मुमकिन है

मुख्यमंत्री ने देहरादून में बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बच्चों में बढ़ती नशे की प्रवृति विषय पर आयोजित कार्यशाला में विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जब वह युवाओं को फटी जींस पहनकर घूमते देखते हैं तो उन्हें आश्चर्य होता है। उन्होंने एक संस्मरण का जिक्र करते हुए कहा कि वह जयपुर से दिल्ली की फ्लाइट पर बैठे हुए थे। उनके बगल में एक महिला बैठी हुई थी। महिला एक एनजीओ चलाती थीं, जबकि उसके पति एक कॉलेज में प्रोफेसर थे। उस महिला ने पांव में गमबूट और घुटनों में फटी जींस पहनी हुई थी। महिला के साथ उसके दो बच्चे भी थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि, एनजीओ चलाती हैं, पति जेएनयू में प्रोफेसर हैं, घुटने फटे दिख रहे हैं, समाज के बीच में जाती हैं, बच्चे साथ में है। क्या संस्कार दे रही हैं।

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मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का फटी जींस के बाद एक और विवादित बयान बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया में जमकर वायरल हुआ। इसमें वह यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली छात्राओं के फैशन को लेकर विवादित टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री की ताजा वायरल वीडियो भी दो दिन पहले बाल अधिकार संरक्षण आयोग के कार्यक्रम की ही है। इसमें वह अपने कॉलेज के दिनों की यादें ताजा करते हुए कहते हैं- मैं जब श्रीनगर यूनिवर्सिटी में पढ़ता था। एक लड़की आई थी चंडीगढ़ से। थी पहाड़ की लेकिन, चंडीगढ़ से श्रीनगर आई। उसकी हाफ…कट…क्या बोलते हैं। पहली बार नया-नया। तो ऐसे देख रहे थे लड़के उसको.. बस आ गई मुंबई से। उसका कुछ दिन ऐसा मजाक बना, ऐसा मजाक… क्योंकि सारे पीछे भागने शुरू कर दिए। यूनिवर्सिटी में पढ़ने आए हो, क्यों… क्या होगा….उनके इस बयान पर महिलाओं ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया में जमकर विरोध जताया। 

सीएम तीरथ ने एक कार्यक्रम के दौरान जनता को संबोधित करते हुए कहा था कुछ ऐसा कह दिया था कि लोग हैरान रह गए। उन्होंने उत्तराखंड के रामनगर में एक कार्यक्रम के दौरान कोरोना महामारी को लेकर चर्चा की थी। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि अन्य देशों के मुकाबले भारत ने इस बीमारी से बेहतर तरीके से निपटा। इसी दौरान उन्होंने कह दिया कि, अमेरिका ने हम 200 से ज्यादा सालों तक राज किया और इस समय वह संघर्ष कर रहा है। जबकि भारत अमेरिका नहीं बल्कि ब्रिटिश का गुलाम रहा। 

रविवार को रामनगर पहुंचे सीएम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एक और ऐसा बयान दिया जिससे विवाद खड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि ‘लोगों में सरकार द्वारा बांटे गए चावल को लेकर जलन भी होने लगी कि दो सदस्यों वालों को 10 किलो जबकि 20 सदस्य वालों को एक क्विंटल अनाज क्यों दिया गया ? उन्होंने कहा की  ‘भैया इसमें दोष किसका है, उसने 20 पैदा किए, आपने दो किए, तो उसको एक क्विंटल मिल रहा है, इसमें जलन काहे का। ‘

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