आज 1 जुलाई से ATM और चेक से लेकर गैस सिलिंडर तक बदलेगे ये 10 नियम ।

एक जुलाई 2021 यानी आज से भारत में 10 बड़े बदलाव हो गए हैं। इन बदलावों का आपकी जिंदगी पर सीधा असर पड़ेगा। एक ओर जहां इन नए नियमों से आपको राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर अगर आपने कुछ बातों का ध्यान नहीं रखा, तो आपको आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। इन नियमों में बदलाव से आपकी जेब प्रभावित होगी, इसका प्रभाव आपके घर के बजट पर भी पड़ेगा। इसलिए इनके बारे में जानना आपके लिए बेहद आवश्यक है। इन बदलावों में रसोई गैस सिलिंडर के दाम, छठे वेतन आयोग की सिफारिशें, भारतीय स्टेट बैंक द्वारा दी जाने वाली कैश निकासी की सुविधा, भारतीय स्टेट बैंक और आईडीबीआई बैंक द्वारा दी जाने वाली मुफ्त चेक की सुविधा, पेशेवर क्षतिपूर्ति नीति को लेकर इरडा के दिशानिर्देश, वाहनों के दाम, सिंडिकेट बैंक का IFSC कोड, आदि शामिल हैं ।

तेल कंपनियां हर महीने की शुरुआत में एलपीजी सिलिंडर के दामों की समीक्षा करती है। 1 जुलाई 2021 से देश में रसोई गैस सिलिंडर की कीमत बदल जाएगी। हर राज्य में टैक्स अलग-अलग होता है और इसके हिसाब से एलपीजी के दामों में अंतर होता है। इसकी कीमत औसत अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क और विदेशी विनिमय दरों में बदलाव जैसे कारक निर्धारित करते हैं।
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने ग्राहकों को झटका दिया है। एसबीआई ने एक जुलाई 2021 से नए सर्विस चार्ज लागू किए हैं। एक जुलाई से बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट खाताधारकों को बैंक के ब्रांच से या फिर एटीएम से मुफ्त में पैसे निकालने की सुविधा सिर्फ चार बार ही मिलेगी। यदि ग्राहक चार बार से ज्यादा निकासी करते हैं, तो बैंक इस पर चार्ज वसूलेगा। ब्रांच चैनल या एटीएम में प्रति कैश निकासी पर 15 रुपये ते साथ जीएसटी वसूला जाएगा। एसबीआई के एटीएम के अलावा, अन्य बैंकों के एटीएम से निकासी पर भी इतना ही चार्ज लागू है। ध्यान रहे कि यह सीमा एटीएम और ब्रांच को मिलाकर है।
बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट खाताधारकों को एसबीआई एक वित्त वर्ष में 10 चेक मुफ्त देगा। इसके बाद 10 चेक वाली चेकबुक के लिए आपको 40 रुपये के साथ जीएसटी का भुगतान करना होगा। वहीं 25 चेक वाली चेकबुक के लिए ग्राहकों से 75 रुपये के साथ जीएसटी वसूला जाएगा। इसके साथ ही 10 चेक वाली इमरजेंसी चेकबुक के लिए 50 रुपये के साथ जीएसटी का भुगतान भी करना होगा। हालांकि वरिष्ठ नागरिकों को चेकबुक पर नए सर्विस चार्ज से छूट दी गई है
केनरा बैंक ने ग्राहकों को सूचित किया है कि सिंडिकेट बैंक का आईएफएससी कोड एक जुलाई 2021 से अमान्य हो जाएगा। दरअसल सिंडिकेट बैंक का मर्जर केनरा बैंक में हुआ है, जिसके बाद भी ग्राहक पुरानी चेकबुक का ही इस्तेमाल कर रहे थे। ग्राहकों की पुरानी चेकबुक 30 जून तक ही काम करेगी। इसके बाद ग्राहक इसका इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। इसलिए बैंक ग्राहक तुरंत अपनी शाखा में जाकर इसे अपडेट कराएं। आप सिर्फ 30 जून तक ही इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। केनरा बैंक ने कहा है कि SYNB से स्टार्ट होने वाले सभी IFSC कोड एक जुलाई से काम नहीं करेंगे।
एक जुलाई से आईडीबीआई बैंक के ग्राहकों को हर साल सिर्फ 20 पन्ने की चेकबुक ही निशुल्क मिलेंगी। उसके बाद प्रत्येक चेक पन्ने के लिए ग्राहकों को पांच रुपये का भुगतान करना होगा। अभी तक बैंक के ग्राहकों को खाता खोलने के पहले साल 60 पन्ने की चेकबुक निशुल्क मिलती थी। उसके बाद के वर्षों के लिए बैंक 50 पन्ने की चेकबुक देता है। उसके बाद प्रत्येक चेक के लिए ग्राहक को पांच रुपये का भुगतान करना होता था। हालांकि, सबका सेविंग अकाउंट के तहत आने वाले ग्राहकों पर नई व्यवस्था लागू नहीं होगी और उन्हें एक साल में निशुल्क असीमित चेक मिलते रहेंगे।

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