अयोध्या: रामनवमी पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने शुरू की तैयारियां।

अयोध्या: रामनवमी पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने शुरू की तैयारियां।

रामनगरी अयोध्या मे रामनवमी पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने तैयारियां शुरू कर दी है।वही ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने जानकारी देते हुए बताया कि जन्मभूमि पथ से राम मंदिर तक जाने वाले मार्ग पर श्रद्धालुओं को शौचालय और पानी पीने की भी विशेष व्यवस्था बनाई जा रही है। लोगों के लिए तीर्थ क्षेत्र पुरम को खोल दिया जाएगा।इस दौरान विश्व हिंदू परिषद मुख्यालय कारसेवक पुरम में आयोजित होली मिलन समारोह में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।महासचिव चंपत राय ने कहा कि तीर्थ क्षेत्र पुरम में पर्याप्त पानी और 200 शौचालय, बड़े टिन शेड के साथ रहने की पर्याप्त व्यवस्था है। उन्होंने समाज के लोगों से छोटे -छोटे स्तर पर भोजनालय चलाने की अपील की।राम नवमी पर 22 घंटे के निरंतर दर्शन के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि पांच वर्ष के बाल भगवान के कितने घंटे निरंतर दर्शन की व्यवस्था की जा सकती है। इस पर विमर्श के बाद ही कोई निर्णय लिया जा सकेगा। इस मौके पर राम नन्दन दास और एनबी दास की टोली ने फाग गायन भी प्रस्तुत किया। इस मौके पर विहिप के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा, ट्रस्टी दिनेंद्र दास, डॉ.अनिल मिश्र व अन्य उपस्थित रहे।

Byte- चंपतराय, महासचिव, राम मंदिर ट्रस्ट
<strong>अयोध्या: रामनवमी पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने शुरू की तैयारियां।</strong>

और पढ़े  UP- प्रदेश के नौनिहालों की बढ़ रही कद-काठी, नाटापन 8.2 प्रतिशत अंक घटा, जानिए वजह
  • Related Posts

    स्कूल वाहनों की सुरक्षा पर HC सख्त:- DM और मुख्य सचिव को दिया ये आदेश, एक माह में मांगी अनुपालन रिपोर्ट

    हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने प्रदेश के स्कूलों में बच्चों की परिवहन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने मुख्य सचिव को जिला स्कूल वाहन सुरक्षा…

    UP में जमीन से बेदखल होने के डर में किसान,जमीन से बेदखल होने के भय में तराई के किसान, पीढ़ियों से खेती कर रहे सिखों का…

    उत्तराखंड बॉर्डर से लखीमपुर खीरी तक फैले तराई के विशाल कृषि क्षेत्र में इन दिनों गहरी बेचैनी है। देश का बंटवारा, 84 के दंगे और आतंकवाद का दौर सह चुके…