उत्तराखंड/ चमोली : लोगों की जागरूक मांग पर भंगोटा गांव में स्वास्थ्य विभाग ने किया ग्रामीणों का रेपिड टेस्ट।

पर्वतीय इलाकों में आज भी ग्रामीणों की कोरोना संक्रमण की जांच पूरी तरह से नहीं हो पाई है।ऐसा इसलिए हो रहा है कि बहुत सारे गावों के ग्रामीण अपनी जांच कराना भी नहीं चाहते हैं।जबकि ज्यादातर गावों के लोगों और जनप्रतिनिधियों ने स्वतः मांग की कि उनकी जांच की जाए।जिससे कोरोना वायरस से संक्रमित होने की दशा में समय से समुचित उपचार मिल सके।

इसी क्रम में जिला चमोली का ग्राम पंचायत भंगोटा के जागरूक ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की कि उनकी जांच की जाये।इस बात को संज्ञान में लेते हुए पीएचसी के प्रभारी डाक्टर नवीन चंद्र डिमरी ने फार्मेसिस्ट जगजीत सिंह नेगी के नेतृत्व में रेपिड टेस्ट की टीम भंगोटा गांव में भेजकर लोगों की जांच कराई।

ग्राम प्रधान डॉक्टर भूपेंद्र सिंह मेहरा ने बताया कि हमारी मांग पर प्रशासन ने ग्रामीणों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में भेजी और गांव मे उपस्थित सभी लोगों की मौके पर ही जांच की गई है।साथ ही बताया कि आयुष विभाग ने भी फार्मेसिस्ट सुबोध उनियाल की देखरेख में गांव में आयुर्वेदिक आयुष रक्षा किट का वितरण भी किया।

रेपिड टेस्ट का नेतृत्व कर रहे फार्मेसिस्ट जगजीत सिंह नेगी ने बताया कि भंगोटा गांव में सभी ग्रामीणों की जांच रिपोर्ट निगेटिव प्राप्त हुई है।जिससे ग्रामीणों में खुशी की लहर है।

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