प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तय कार्यक्रम के अनुसार रविवार को शाम 4:40 बजे वायुसेना के एमआई-17 हेलीकाप्टर से साकेत महाविद्यालय के अस्थाई हेलीपैड पर उतरे। यहां से पीएम सीधे 4:55 बजे रामजन्मभूमि पहुंचे। रामजन्मभूमि पहुंचते ही पीएम ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई।
पूजा-अर्चना की रामलला की आरती उतारी। इसके बाद रामलला के दरबार में दीपक भी जलाया। रामजन्मभूमि के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास से आर्शीवाद भी लिया। फिर राममंदिर निर्माण की प्रगति देखी और भक्तों के लिए सुविधाएं विकसित करने का बेहतर प्लान बनाने का निर्देश दिया।

पीएम नरेद्र मोदी ने करीब 30 मिनट रामजन्मभूमि में बिताए। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय व कार्यदाई संस्था के इंजीनियरों ने राममंदिर निर्माण की हर बारीकी व प्रगति से पीएम को अवगत कराया। पीएम, सीएम व राज्यपाल गोल्फ कार्ट के जरिए करीब 50 फीट ऊंचे निर्माणाधीन गर्भगृह तक पहुंचे।
उन्होंने घूम-घूमकर बारीकी से मंदिर निर्माण कार्य की प्रगति देखी। इंजीनियरों ने प्रजेंटेशन व मानचित्रों के जरिए उन्हें मंदिर निर्माण की प्रगति, भव्यता व तकनीकी से अवगत कराया।
चंपत राय ने बताया कि राममंदिर का अब तक 45 फीसदी काम पूरा हो चुका है। गर्भगृह भी करीब 20 फीसदी तैयार है। दिसंबर 2023 तक मंदिर का गर्भगृह तैयार करने का लक्ष्य है, जनवरी 2024 में भक्तों को भव्य गर्भगृह में दर्शन प्राप्त होने लगेगा। पीएम मंदिर निर्माण की गति व भव्यता से संतुष्ट दिखे। ट्रस्ट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पीएम नरेंद्र मोदी ने भक्तों के लिए सुविधाएं विकसित करने का काम तेज करने को कहा।
साथ ही कहा कि सुविधाओं का बेहतर प्लान बनाया जाए। एक किलोमीटर की दूर पर कैसी सुविधाएं हों, दो किलोमीटर व पांच किलोमीटर की दूरी पर कैसी सुविधाएं हो इसका बेहतर खाका बनना चाहिए। राममंदिर की भव्य सजावट करने वाले अवध विश्वविद्यालय के वालंटियर्स की भी पीएम मोदी ने प्रशंसा की। इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सहित ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरि भी मौजूद रहे।
दीपोत्सव में रामलला का दरबार भी भव्यता को स्पर्श करता नजर आया। राममंदिर परिसर में गर्भगृह को रामायणकालीन रंगोली व फूलों से सजाया गया था। गर्भगृह स्थल राममंदिर निर्माण कार्यस्थल पर एक लाख दीप जलाए गए।








