Live Karwa Chauth : दिखा करवाचौथ का चांद सुहागिनों ने चांद देखकर तोड़ा अपना व्रत, 9 बजे तक सभी जगह पर दिखाई देगा चांद

Spread the love

भारत के कुछ जगहों पर करवा चौथ का चांद दिखाई दिया है। जहां पर सुहागिन महिलाएं चंद्रदेव को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया है।

हिंदू धर्म में करवा चौथ का विशेष महत्व होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर करवा चौथ का व्रत रखा जाता है। करवा चौथ पर निर्जला व्रत और चंद्रमा के दर्शन कर अर्ध्य देने का खास महत्व होता है। इस बार करवा चौथ बहुत ही शुभ है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किसी भी पूजा में अगर मंत्रों का जाप किया जाय तो पूजा अवश्य ही सफल होती है। मंत्रों के जाप से देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। करवा चौथ पर भगवान शिव-माता पार्वती, भगवान गणेश और चंद्रदेव की पूजा करने का विधान होता है।

हिंदू धर्म में कोई भी पूजा, व्रत और धार्मिक अनुष्ठान बिना आरती के पूरी नहीं मानी जाती है। करवा चौथ पूजा और कथा सुनने के बाद सभी सुहागिन महिलाओं को करवा माता की आरती की आरती जरूर करनी चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आरती करने पर देवी-देवता सबसे ज्यादा प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद प्रदान करते हैं। ऐसे में करवा चौथ में पूजा, कथा और चंद्र दर्शन के साथ करवा माता की आरती जरूर करनी चाहिए।

श्रीगणेश का मंत्र – ॐ गणेशाय नमः
शिव का मंत्र – ॐ नमः शिवाय
स्वामी कार्तिकेय का मंत्र – ॐ षण्मुखाय नमः
चंद्रमा का पूजन मंत्र – ॐ सोमाय नमः
‘मम सुख सौभाग्य पुत्र-पौत्रादि सुस्थिर श्री प्राप्तये करक चतुर्थी व्रतमहं करिष्ये।’
‘नमस्त्यै शिवायै शर्वाण्यै सौभाग्यं संतति शुभा। प्रयच्छ भक्तियुक्तानां नारीणां हरवल्लभे।’

और पढ़े  ईरानी ड्रोन हमले में कुवैत के हवाई अड्डे को भारी नुकसान, उड़ानें निलंबित; कई घायल

Spread the love
  • Related Posts

    फर्जी हस्ताक्षर मामले में टीएमसी मुख्यालय में घुसी सीआईडी,तलाशी ली

    Spread the love

    Spread the loveजाली हस्ताक्षर मामले की जांच के तहत अपराध जांच विभाग (सीआईडी) की एक टीम मंगलवार को कोलकाता के कालीघाट इलाके में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के केंद्रीय कार्यालय में…


    Spread the love

    Shigella: केरल में शिगेला का कहर, 126 लोग संक्रमित और मासूम की मौत से दहशत, जानिए…

    Spread the love

    Spread the loveकेरल बीते कुछ वर्षों में देश का सबसे ज्यादा संक्रामक रोगों से प्रभावित राज्य रहा है, ये कहना गलत नहीं होगा। लेप्टोस्पायरोसिस रोग के मामले हों या फिर…


    Spread the love

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *