कानपुर में प्रकाश, सुख-समृद्धि और उल्लास का पर्व दिवाली रविवार को मनाया जाएगा। इस अवसर पर माता महालक्ष्मी और भगवान गणेश के पूजन का विशेष महत्व है। वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य पंडित पीएन द्विवेदी ने बताया कि घरों में लक्ष्मी पूजन के लिए प्रदोष काल का स्थिर वृष लग्न सबसे प्रमुख मुहूर्त है। इस दौरान विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करनी चाहिए।
नौ नवंबर को गोवर्धन पूजा
सोमवार नौ नवंबर को सोमवती अमावस्या रहेगी। इसके बाद कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा पर गोवर्धन पूजा की जाएगी। पूजा का समय दोपहर 12:30 बजे के बाद है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गोमाता और गोवर्धन पर्वत की पूजा करने से सुख-समृद्धि और अन्न-धन की प्राप्ति होती है।






