दिवाली के पावन अवसर पर भारतीय शेयर बाजार (बीएसई और एनएसई) में एक घंटे के विशेष ‘मुहूर्त ट्रेडिंग’ सत्र की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। नए हिंदू कैलेंडर वर्ष ‘संवत 2083’ के आगमन के साथ ही निवेशकों में इस 1 घंटे के स्पेशल सत्र को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। हिंदू परंपरा के अनुसार, नए संवत वर्ष की शुरुआत में शेयर खरीदना समृद्धिकारक माना जाता है, जिससे पूरे साल सकारात्मकता बनी रहती है। विशेष सत्र के दौरान बाजार में तेजी का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद जताई जा रही है।
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- लॉगिन विंडो: ट्रेडिंग के लिए दोपहर 1:15 बजे से दोपहर 1:50 बजे के बीच लॉगिन करने की अनुमति दी गई है।
मुहूर्त ट्रेडिंग को लेकर विशेषज्ञों की क्या सलाह है और इसे कैसे सही तरीके से किया जाए?
स्टॉकग्रो के संस्थापक और सीईओ अजय लखोटिया के अनुसार, मुहूर्त ट्रेडिंग एक सुंदर परंपरा और अनुष्ठान है, न कि केवल त्वरित मुनाफा कमाने की कोई निवेश रणनीति। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी है कि 1 घंटे के इस सत्र में किसी मल्टिबैगर को खोजने की हड़बड़ी के बजाय इसे समझदारी से आयोजित करें।
मुहूर्त ट्रेडिंग के लिए विशेषज्ञों की क्या राय?
- पोर्टफोलियो की सफाई: जैसे दिवाली पर घर की सफाई की जाती है, वैसे ही अपने पोर्टफोलियो को व्यवस्थित करें और उन शेयरों से बाहर निकलें जो अब आपके वित्तीय लक्ष्यों से मेल नहीं खाते।
- रीबैलेंसिंग: जो निवेश अपने मूल लक्ष्य से भटक गए हैं, उन्हें पुनर्संतुलित करें।
- सगुन की खरीदारी: मुहूर्त सत्र के दौरान अपनी लॉन्ग-टर्म वॉचलिस्ट में पहले से मौजूद किसी गुणवत्तापूर्ण शेयर को ‘सगुन’ के रूप में खरीदें।
- संवत 2083 के लिए वित्तीय नियम: इस शुभ अवसर का उपयोग अपनी मासिक निवेश राशि तय करने या बाजार में गिरावट के समय अपनाई जाने वाली रणनीति के नियम बनाने के लिए करें।
संवत 2083 की शुरुआत के दौरान किन शेयरों पर रहेगी नजर?
दिवाली पर आयोजित होने वाले विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र के दौरान निवेशकों की नजर मुख्य रूप से बैंकिंग, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स और चुनिंदा लार्जकैप शेयरों पर रहेगी। विश्लेषकों और ब्रोकरेज हाउस कोटक नियो के तकनीकी आंकलन के अनुसार, नए संवत 2083 के लिए बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, जेएसडब्ल्यू स्टील, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे मजबूत फंडामेंटल वाले शेयर निवेशकों की रडार पर प्रमुखता से रहेंगे। इसके अलावा, हालिया बाजार रैली में लार्जकैप और इंडेक्स हेवीवेट्स का दबदबा रहने के कारण निवेशक इन क्षेत्रों में सतत कमाई की रिकवरी और लिक्विडिटी पर भी ध्यान केंद्रित रखेंगे।
दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग भारतीय पूंजी बाजार की एक सांस्कृतिक और समृद्ध परंपरा है। यदि निवेशक इस एक घंटे के सत्र का उपयोग केवल शगुन के सौदों तक सीमित न रखकर अपने पोर्टफोलियो के पुनर्संतुलन और अनुशासनबद्ध निवेश नियम बनाने में करते हैं, तो यह संवत 2083 में उनके वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सबसे प्रभावी कदम साबित होगा।






