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हुसैनीवाला बॉर्डर पर 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों में भारतीय जवानों के शौर्य और बलिदान की गाथाएं सहेजने के लिए वार मेमोरियल बनाया जा रहा है। 24.49 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस स्मारक में सेना और बीएसएफ के जवानों के पराक्रम को प्रदर्शित किया जाएगा। युद्धों की प्रमुख घटनाओं और दोनों देशों को हुए नुकसान की जानकारी डॉक्यूमेंट्री से भी दी जाएगी।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हुसैनीवाला विरासती कांप्लेक्स का नींव पत्थर रखा था। इसके तहत वार मेमोरियल के साथ शिक्षा पार्क और झील भी विकसित की जा रही है। परियोजना पूरी होने पर यह परिसर पर्यटकों के आकर्षण का नया केंद्र बनेगा। स्मारक में शहीदों के योगदान और युद्धों से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेजों व तस्वीरों को भी प्रदर्शित करने की योजना है।
शिक्षा पार्क, झील और लाइट एंड साउंड शो : हुसैनीवाला विरासती कांप्लेक्स में बच्चों के लिए शिक्षा पार्क और बोटिंग की सुविधा वाली झील बनाई जा रही है। शिक्षा पार्क में बच्चे खेल-खेल में ज्ञान हासिल कर सकेंगे। पर्यटक झील में नौका विहार का आनंद ले सकेंगे।
शहीदी स्मारक पर लाइट एंड साउंड शो के जरिये भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के जीवन व बलिदान की जानकारी दी जाएगी। परिसर का सौंदर्यीकरण भी हो रहा है। इसकी जानकारी वेबसाइट पर भी उपलब्ध होगी। यहां भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, बटुकेश्वर दत्त और भगत सिंह की मां विद्यावती की समाधियां हैं।