त्योहारी सीजन से पहले राजस्थान के श्रीगंगानगर में नकली घी के बड़े कारोबार का खुलासा हुआ है। आम लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर पाम ऑयल को देसी घी बताकर बाजार में बेचा जा रहा था। ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान के तहत पुलिस ने जयपुर सीआईडी और जिला विशेष टीम के साथ मिलकर जिले में करीब आधा दर्जन जगहों पर छापेमारी की। इस दौरान श्रीगंगानगर शहर और सूरतगढ़ से कुल 17,868 लीटर संदिग्ध घी जब्त किया गया। इसकी कीमत करीब 1.23 करोड़ रुपये बताई गई है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
सूरतगढ़ में पांच ब्रांड के नाम से पैक घी बरामद
नकली घी के खिलाफ दूसरी बड़ी कार्रवाई सूरतगढ़ के वार्ड-39 स्थित पारस होलसेल भंडार के गोदाम में की गई। खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने यहां छापा मारकर 1,520 लीटर संदिग्ध घी जब्त किया। गोदाम की तलाशी के दौरान बंसरी, गौकेश, वास्तु, बांसली और मायरा सहित अलग-अलग ब्रांडों के नाम से पैक किए गए घी के पैकेट मिले। इस कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी रणजीत खुड़िया और सहायक उपनिरीक्षक छोटूराम सहित पुलिस और संबंधित विभागों के कई अधिकारी मौजूद रहे।
पाम ऑयल को देसी घी बताकर बेचने का खेल
पुलिस अधीक्षक हरिशंकर ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि पाम ऑयल को देसी घी बताकर बाजार में बेचा जा रहा था। पुलिस और संबंधित विभागों की संयुक्त टीमें अब इस पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि संदिग्ध घी की आपूर्ति किन-किन इलाकों में की जा रही थी और इस अवैध कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले के अन्य स्थानों पर भी लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य त्योहारी सीजन में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकना और लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है।





