जंतर-मंतर 1.0 और जंतर-मंतर 2.0 के तरह ही रविवार को रामलीला मैदान में कांग्रेस की चलो दिल्ली रैली के दौरान भी सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो वायरल कर दिल्ली व देश के माहौल खराब करने का असफल प्रयास किया गया। रैली के दौरान बांग्लादेश में तख्ता पलट के दौरान हुई हिंसा की सोशल मीडिया पर वीडियो डाली गईं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक फर्जी वीडियो में कहा जा रहा था कि दिल्ली पुलिस ने फायरिंग कर दी है और इस फायरिंग में चार कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की मौत हो गई है। हालांकि दिल्ली पुलिस ने तुरंत संज्ञान लेते हुए सोशल मीडिया एक पोस्ट साझा कर फैक्ट चेक में कहा कि ये वीडियो पूरी तरह फर्जी हैं और भारत का नहीं है।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल फर्जी वीडियो को लेकर कई हैंडल दिल्ली पुलिस के स्कैनर में आ गए हैं। दिल्ली पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी गुट और कांग्रेस की चलो दिल्ली रैली के दौरान सोशल मीडिया पर भीड़ और जनसैलाब को लेकर कई पुराने वीडियो और एआई जनित तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हुए। फैक्ट-चेक और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं में इसके अलग-अलग पहलू सामने आए हैं।







