चार को मार दिया: इंडिया ब्लॉक की रैली के दौरान फैलाया गया था फर्जी वीडियो, बांग्लादेशी कनेक्शन आया सामने

जंतर-मंतर 1.0 और जंतर-मंतर 2.0 के तरह ही रविवार को रामलीला मैदान में कांग्रेस की चलो दिल्ली रैली के दौरान भी सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो वायरल कर दिल्ली व देश के माहौल खराब करने का असफल प्रयास किया गया। रैली के दौरान बांग्लादेश में तख्ता पलट के दौरान हुई हिंसा की सोशल मीडिया पर वीडियो डाली गईं।

 

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक फर्जी वीडियो में कहा जा रहा था कि दिल्ली पुलिस ने फायरिंग कर दी है और इस फायरिंग में चार कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की मौत हो गई है। हालांकि दिल्ली पुलिस ने तुरंत संज्ञान लेते हुए सोशल मीडिया एक पोस्ट साझा कर फैक्ट चेक में कहा कि ये वीडियो पूरी तरह फर्जी हैं और भारत का नहीं है।

 

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल फर्जी वीडियो को लेकर कई हैंडल दिल्ली पुलिस के स्कैनर में आ गए हैं। दिल्ली पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी गुट और कांग्रेस की चलो दिल्ली रैली के दौरान सोशल मीडिया पर भीड़ और जनसैलाब को लेकर कई पुराने वीडियो और एआई जनित तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हुए। फैक्ट-चेक और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं में इसके अलग-अलग पहलू सामने आए हैं।

 

 

पुलिस अधिकारियों के अनुसार रैली से जोड़कर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें भारी भीड़ दिखाई दे रही थी। फैक्ट चेक के अनुसोार, यह असल में दिसंबर 2025 में हुई कांग्रेस की एक पुरानी रैली का वीडियो था, जिसे हालिया 1 नवंबर की रैली का बताकर फैलाया गया।

और पढ़े  दिल्ली में ग्रीन पटाखों के नाम पर काला कारोबार: मांगने पर बोरों से निकले प्रतिबंधित बम, पड़ताल में हुआ खुलासा

दिल्ली पुलिस ने कहा बांग्लादेश के हैं वीडियो
इस पर दिल्ली पुलिस ने फैक्ट चेक में दो नवंबर को सुबह एक्स पर पोस्ट डाली कि कृपया फर्जी खबरें न फैलाएं। इस पोस्ट में शेयर किया गया वीडियो बांग्लादेश का है और इसका दिल्ली में हो रही घटनाओं से कोई लेना-देना नहीं है। गलत और नुकसानदेह जानकारी फैलाना साइबर कानूनों और दंड संहिताओं के तहत एक दंडनीय अपराध है, और ऐसा करने वालों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस वाहन पर नारा लिखने पर प्राथमिकी दर्ज
दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को इंडिया गठबंधन की रैली के दौरान एक पुलिस वाहन पर स्प्रे पेंट से एक नारा लिखने के संबंध में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। यह प्राथमिकी दिल्ली संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत कमला मार्केट थाने में दर्ज की गई है।

पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो वायरल हुए हैं जिनमें पुलिस वाहन पर स्प्रे पेंट से नारा लिखते हुए देखा जा सकता है। दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार पुलिस वाहन पर नारा खिलने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था। वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। इस घटना के वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि नारा लिखने वाला व्यक्ति कौन था और उसने ऐसा क्यों किया। पुलिस वीडियो के आधार पर घटना से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में कमला मार्केट पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस कानून के तहत सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या उसे खराब करने जैसी गतिविधियों पर कार्रवाई की जाती है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटना में कौन-कौन शामिल था।

और पढ़े  राज्यसभा उपचुनाव: भाजपा ने मध्यप्रदेश से हरदीप सिंह पुरी को बनाया उम्मीदवार, जानें किस वजह से खाली हुई थी सीट
  • Related Posts

    प्रदूषण ने बढ़ाई चिंता: नोएडा के सेक्टर 62 में एक्यूआई 400 के पार दर्ज, जहरीली हवा में सांस लेना मुश्किल!

    नोएडा के सेक्टर 62 में एक्यूआई 404 दर्ज किया गया है, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। सेक्टर 39 और सेक्टर 150 में एक्यूआई का स्तर क्रमशः 365 और 343…

    दिल्ली में ग्रीन पटाखों के नाम पर काला कारोबार: मांगने पर बोरों से निकले प्रतिबंधित बम, पड़ताल में हुआ खुलासा

    त्योहार की खुशियां मनाने के लिए पटाखे खरीदने बाजार जा रहे हैं तो सावधान हो जाइए। पैकेट पर ग्रीन पटाखे लिखा होना इस बात की गारंटी नहीं है कि उसके…