ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान के दक्षिणी इलाके में जोरदार धमाकों की खबर सामने आई है। रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित क्यूशम द्वीप और बंदर लेंगेह में कई विस्फोट सुने गए। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, क्यूशम द्वीप पर पांच धमाकों की आवाज सुनाई दी, जबकि बंदर लेंगेह में भी कई धमाकों की खबर है। इस दौरान स्थानीय लोगों ने आसमान में दो विमानों को उड़ते हुए देखने का दावा किया है।हालांकि, अभी तक इन धमाकों की वजह का आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है और न ही किसी के हताहत होने की जानकारी मिली है।
IRGC ने एक अलग बयान में कहा कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से में एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को ट्रैक करने के बाद नष्ट कर दिया। संगठन के मुताबिक, इस कार्रवाई में ईरान के नए एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। IRGC ने दावा किया कि यह उसका गिराया गया 55वां MQ-9 ड्रोन है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों की ओर से इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
अमेरिका बोला- होर्मुज में ईरान के कुछ ठिकानों पर किए रक्षात्मक हमले
एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के कुछ ठिकानों पर रक्षात्मक हमले किए हैं। सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने के लिए अधिकृत नहीं होने के कारण अधिकारी ने सोमवार को नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इन हमलों में उन ठिकानों को निशाना बनाया गया, जहां से ईरानी अमेरिकी सैन्य संसाधनों पर सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहे थे।
‘जल्द हो सकता है ईरान से समझौता’
एक तरफ इलाके में सैन्य गतिविधियां बढ़ने की खबरें आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की उम्मीद भी जताई जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि ईरान के साथ संभावित समझौते की उम्मीद के चलते कच्चे तेल की कीमतों में करीब 10 डॉलर प्रति बैरल की गिरावट आई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने कहा कि तेल की कीमतें तेजी से नीचे आ रही हैं, क्योंकि लोगों को लग रहा है कि ईरान के साथ युद्ध नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान जल्द से जल्द समझौता करना चाहता है और बातचीत सफल हो सकती है।
राष्ट्रपति ने हमले से किया इंकार
अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप पर हमला किया है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से नए युद्ध की संभावना को कम बताया था, साथ ही कूटनीतिक सफलता का भी संकेत दिया था। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से आई वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक केशम पर यह हमला पिछले कुछ हफ्तों से चल रहे गुप्त अमेरिकी हमलों का हिस्सा है। मध्यावधि चुनाव से एक दिन पहले ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका ने ईरान के साथ संघर्ष “जीत लिया” है। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों पक्षों के बीच हफ्तों से कोई लड़ाई नहीं हुई है। सोमवार को (अमेरिकी समय) पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि क्या वह मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान पर हमला करने पर विचार कर रहे हैं, तो अमेरिकी राष्ट्रपति ने संक्षिप्त जवाब में केवल “नहीं” कहा।
जेडी वेंस को भी बातचीत से उम्मीद
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी ईरान के साथ बातचीत को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। उनका कहना है कि ट्रंप प्रशासन को लगता है कि दोनों देशों के बीच बातचीत में कुछ प्रगति हुई है। इससे संकेत मिलता है कि वॉशिंगटन फिलहाल कूटनीतिक रास्ते से तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है।
दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कर दिया है कि उनका देश बातचीत के साथ-साथ सैन्य टकराव के लिए भी तैयार है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान पर दोबारा सैन्य कार्रवाई की गई तो उसका जवाब पहले से ज्यादा ताकत के साथ दिया जाएगा। ऐसे में एक तरफ समझौते की उम्मीद बनी हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य तनाव भी कम होता नहीं दिख रहा है। क्यूशम द्वीप और बंदर लेंगेह में हुए धमाकों ने इस पूरे घटनाक्रम को और गंभीर बना दिया है।






