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उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार स्थित मिलन गार्डन इलाके में रविवार शाम एक निर्माणाधीन मकान भरभराकर जमींदोज हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग मौके की ओर भागे। बाद में पुलिस के अलावा दमकल विभाग को खबर दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस के अलावा दमकल की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंच गई। दो मजदूरों के दबे होने की आशंका में रेस्क्यू अभियान जारी है। देर रात मंत्री कपिल मिश्रा और आशीष सूद भी घटनास्थल पर पहुंचे।
देर रात पहुंचे मंत्री मिश्रा और सूद
दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा और आशीष सूद उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार स्थित मिलान गार्डन में उस जगह पहुंचे, जहां एक इमारत ढह गई थी।
कपिल मिश्रा ने कहा कि दमकल विभाग और एनडीआरएफ के जवान पूरी तरह से काम में जुटे हुए हैं। माना जा रहा है कि मलबे के नीचे दो लोग फंसे हो सकते हैं, हालांकि अभी तक किसी की मौत की खबर नहीं है। उन्हें बचाने की कोशिशें जारी हैं। सभी संबंधित एजेंसियां पूरी तरह से सक्रिय हैं। यह निश्चित रूप से एक दुखद घटना है, और इसके कारणों की पूरी जांच की जाएगी। पहली नजर में ऐसा लगता है कि एक नया लिंटेल (छत का बीम) लगाने की कोशिश की जा रही थी; वह गिर गया, जिससे नीचे का फर्श भी ढह गया और दो लोग- बताया जा रहा है कि एक पिता और उनका बेटा- मलबे में फंस गए। सीमापुरी, सीलमपुर, मुस्तफाबाद और बाबरपुर में हुई ऐसी घटनाओं के कारण सबको पता हैं, और उन जगहों का निरीक्षण भी किया गया है। हमने भी उन जगहों का दौरा किया, और यह साफ है कि ऐसी घटनाएं अवैध निर्माण का सीधा नतीजा हैं।
गोकलपुर के उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) चंद्र शेखर ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई है और बचाव कार्य चल रहा है। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, दो व्यक्ति वहां काम कर रहे थे। एक की उम्र लगभग 60 साल है और दूसरे की उम्र करीब 36 साल है। हम अभी उन्हें ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं। चूंकि हम उनके फोन पर उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए हमें आशंका है कि वे अभी भी मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं। हमारी टीमें उन्हें ढूंढने और बाहर निकालने के लिए काम कर रही हैं।
होगी सख्त कार्रवाई
आशीष सूद ने बताया कि सरकार आपदा से प्रभावित परिवारों के साथ पूरी तरह खड़ी है। हमारी पूरी पार्टी और पार्टी के सभी पदाधिकारी उनके साथ हैं। राहत कार्यों के लिए सभी एजेंसियों को तैनात कर दिया गया है। इसके लिए जो भी दोषी है – चाहे वह नगर निगम हो या दिल्ली सरकार – उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हम किसी को भी नहीं बख्शेंगे। सरकार अवैध निर्माण के खिलाफ है। अवैध निर्माण को रोकने के लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है। नगर निगम को भी निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तरह के अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही, जो लोग कानून तोड़ रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।