भारत ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। जापान के आइची-नागोया में आयोजित इन खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य सहित कुल 114 पदक अपने नाम किए। इसके साथ ही भारत ने 2023 में चीन के हांग्झू में बनाए गए अपने पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। हांग्झू में भारत ने 27 स्वर्ण सहित कुल 108 पदक जीते थे।
छोटे दल के बावजूद पदकों की संख्या में इजाफा
इस बार भारतीय पैरा एथलीटों ने कम खिलाड़ियों के दल के बावजूद पदकों की संख्या में इजाफा किया। एथलेटिक्स में शानदार प्रदर्शन के साथ बैडमिंटन, तीरंदाजी और निशानेबाजी में भी भारत को कई अहम सफलताएं मिलीं। अभियान के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने कई स्पर्धाओं में विश्व रिकॉर्ड और गेम्स रिकॉर्ड भी बनाए।
पैरा एशियाड में भेजा था 168 एथलीटों का दल
भारत ने इस बार इन खेलों में 168 खिलाड़ियों का दल भेजा था जो 2023 में हांग्झू में हुए पिछले चरण में हिस्सा लेने वाले दल की संख्या से लगभग आधा था। भारतीय खिलाड़ियों ने हांग्झू में 27 स्वर्ण सहित 108 पदक जीते थे जो उस समय देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। शुक्रवार को पहली बार स्वर्ण पदक जीतने में पैरा एथलेटिक्स का दबदबा नहीं रहा बल्कि बैडमिंटन खिलाड़ियों, तीरंदाजों और निशानेबाज मोना अग्रवाल ने भी भारत के पदकों की संख्या बढ़ाने में अहम योगदान दिया। इस तरह भारत ने 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदकों के साथ अपना अभियान पूरा किया।
पुरुषों की 400 मीटर टी64 स्पर्धा में संदीप ने विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि हमवतन अजय कुमार ने कांस्य पदक अपने नाम किया। इसके अलावा निमिषा चक्कुंगलपरंबिल ने महिला लंबी कूद टी47 और प्रमोद बिजारनिया ने पुरुष 1500 मीटर टी46 स्पर्धा में रजत पदक जीते। हालांकि, चक्का फेंक में प्रवीण शर्मा और गोला फेंक में अमीषा रावत चौथे स्थान पर रहे। भारत के संदीप ने पुरुषों की 400 मीटर टी64 फाइनल में 52.28 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने इस प्रदर्शन के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाया। भारत के अजय कुमार ने भी इस स्पर्धा में पदक जीता। उन्होंने 53.61 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक अपने नाम किया। उनका समय गेम्स रिकॉर्ड रहा। भारत के हनी ने एथलेटिक्स में देश का मान बढ़ाया। उन्होंने पुरुषों की भाला फेंक एफ37/38 स्पर्धा में 60.49 मीटर का विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता।
भारत के स्टार पैरा भाला फेंक एथलीट सुमित अंतिल ने शुक्रवार को पैरा एशियन गेम्स में पुरुषों की एफ 42-44/61-64 संयुक्त स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर अपने खिताब का बचाव किया। वहीं, इस स्पर्धा में भारत ने तीनों पदक अपने नाम किए। दो बार के पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता और विश्व रिकॉर्ड धारक 28 वर्षीय सुमित ने अपने दूसरे प्रयास में 72.46 मीटर दूर भाला फेंककर स्वर्ण पदक हासिल किया। एफ42 वर्ग में हिस्सा लेने वाले महेंद्र गुर्जर ने 59.03 मीटर के प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता, जबकि एफ44 वर्ग के संदीप संजय सरगर ने 64.48 मीटर भाला फेंककर कांस्य पदक हासिल किया।
भारत के प्रणव सूरमा ने शुक्रवार को पैरा एशियन गेम्स की पुरुषों की क्लब थ्रो एफ51 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता, जबकि धरमवीर ने इसी स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया। सूरमा ने 32.87 मीटर की दूरी के साथ खेलों का रिकॉर्ड बनाते हुए पिछले चरण में जीते अपने स्वर्ण पदक का सफलतापूर्वक बचाव किया। धरमवीर ने 27.71 मीटर के प्रदर्शन से कांस्य पदक हासिल किया।
दो बार की स्वर्ण पदक विजेता निशानेबाज मोना अग्रवाल और जंप विशेषज्ञ निषाद कुमार शनिवार को आयोजित होने वाले एशियाई पैरा खेलों के समापन समारोह में भारत के ध्वजवाहक होंगे। इन दोनों ही खिलाड़ियों ने इन खेलों में दो-दो स्वर्ण पदक हासिल किए हैं।
पैरा एशियाड में जीते दो स्वर्ण
38 वर्षीय मोना अग्रवाल, जिन्हें नौ वर्ष की आयु में पोलियो हो गया था जिससे उनके दोनों निचले अंग प्रभावित हुए और वह व्हीलचेयर पर निर्भर हो गईं, उन्होंने इन खेलों में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया। उन्होंने पहले खेलों के रिकॉर्ड के साथ महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता और इसके बाद महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन SH1 स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड तोड़ते हुए दूसरा स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं, 27 वर्षीय निषाद ने पुरुषों की ऊंची कूद (हाई जंप) और लंबी कूद (लॉन्ग जंप) टी47 स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक हासिल किए। उनका दाहिना हाथ छह वर्ष की आयु में खेत में घास काटने की मशीन से कट गया था। निषाद हिमाचल प्रदेश से आते हैं।








